स्मृति शेष… कितने किस्म के हिन्दू !

श्राद्ध का गंगाजमुनी हिन्दू उपहास करते हैं। छद्म आस्थावान छिपे-सहमे रीति से परिपाटी निभाते हैं। कई श्रद्धालु एक दफा जीवन में गया-तीर्थ जाने के बाद निबट जाते हैं। किन्तु बहुतायत में अन्य जन सारी रस्में मन से निभाते हैं। इसी आखिरी समूह का तरीका मुझे बहुत भाता है। पुरखों का आदर मरणोपरांत भी करना यह … Continue reading स्मृति शेष… कितने किस्म के हिन्दू !