अब आया ऊंट पहाड़ के नीचेः जैसी करनी, वैसी भरनी

शाश्वत तिवारी

कर्मों का हिसाब यहीं होता है। अब पाकिस्तान में भी यह सब हो रहा है, जो मैं अपनी आंखों से देख रहा हूँ। यह वही पाकिस्तान है, जो भारत में आतंकवादियों को भेजकर, बम धमाके करवा कर, निर्दोष लोगों के खून बहाकर खुश होता था, अब वही सब उस पर बीत रही है।

वैसे तो पाकिस्तान से अजीबोगरीब खबरें आती रहती हैं, लेकिन आज बहुत चौंकाने वाली खबर मिली है। पाकिस्तान में बलोच लिबरेशन आर्मी ने यात्रियों से भरी एक रेलगाड़ी का ही अपहरण कर लिया है। दावा है कि बलोच लिबरेशन आर्मी ने 120 यात्रियों को बंधक बना लिया है। हमलावरों ने रेलगाड़ी के चालक को गोली मारकर घायल कर दिया है और पाकिस्तान के 6 जवानों की हत्या कर दी है। यह रेलगाड़ी जाफर एक्सप्रेस क्वेटा से पेशावर जा रही थी।

बलोच लिबरेशन आर्मी ने रेल पटरी को भी उड़ा दिया है और चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान सेना ने कोई कारवाई शुरू की तो 120 बंधक यात्रियों को मार दिया जाएगा। उनका यह भी दावा है कि न केवल यात्री, बल्कि पाकिस्तान खुफिया एजेंसी  ISI के लोग भी उनके कब्जे में हैं।

बलोच लिबरेशन आर्मी ने ट्रेन को एक सुरंग में रोक लिया है। हालांकि पाकिस्तान सरकार का कहना है कि और भी रेलगाड़ियों को बचाव कार्य के लिए रवाना किया गया है, साथ ही आस पास के अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है, लेकिन अगर अपहरण करने वाले सुरंग में हैं और उनके कब्जे में यात्री हैं तो उनसे निपटना आसान नहीं होगा।

दूसरों के दर्द में जो खुशियाँ मनाए, उसे मानव कहलाने का कोई हक नहीं है, लेकिन पाकिस्तान ऐसा करते आया है। दशकों तक वह भारत में बम धमाके करवा कर खुश होता रहा, अब खुद पर पडी़ है तो बिलबिला रहा है। इसीलिए कहते हैं, जैसी करनी, वैसी भरनी।

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