जेल अफसरों की लापरवाही से फरार हो गया बंदी

  • बिजनौर जेल प्रशासन के अधिकारियों का अजब गजब कारनामा
  • जेल के अंदर बंदी के पास मोबाइल फोन मिलने से मचा हड़कंप
  • 20 दिनों में दो घटनाओं ने खोली जेल के सुरक्षा दावों की पोल

राकेश यादव

लखनऊ। बिजनौर जिला जेल में घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही है। चुनाव आचार संहिता के दौरान जेल डॉक्टर के तबादले का मामला अभी निपट भी नहीं पाया था कि जेल में दो और घटनाएं हो गई। जेल प्रशासन की लापरवाही से एक बंदी को गलत तरीके से रिहा कर दिया गया। यही नहीं जेल के अंदर बंदी के पास मोबाइल फोन बरामद होने के बाद भी अभी तक किसी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की गई है। उधर जेल प्रशासन इन मसलों पर कुछ भी बोलने से बच रहा है।

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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बीती दो जून को बिजनौर जेल में बंद बंदी नसीम पुत्र इमामुद्दीन का बी वारंट आया था। इसी दौरान बंदी का रिहाई फरमान जेल पहुंच गया। जेल प्रशासन के अधिकारियों ने बी वारंट को चढ़ाए बिना ही चार जून को इस बंदी को रिहा कर दिया गया। बंदी का बी वारंट होने की जानकारी होते ही जेल में हड़कंप मच गया। गलत रिहाई होने की जानकारी होते ही जेल अधीक्षक आदिति श्रीवास्तव ने प्रभारी डिप्टी जेलर अरविंद से स्पष्टीकरण मांगा। इस पर डिप्टी जेलर ने घटना से पल्ला झाड़ते हुए जवाब दिया कि बी वारंट चढ़ाने की जिम्मेदारी अन्य डिप्टी जेलर लक्ष्मी दीप्ति की है। इससे जेल में हड़कंप मचा हुआ है। दिलचस्प बात तो यह है कि जेल प्रशासन के अधिकारियों ने गलत रिहाई जैसे गंभीर मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को देना तक मुनासिब नहीं समझा।

सूत्र बताते है कि इससे पूर्व बीती 17 जून को जेल प्रशासन को एक विचाराधीन बंदी के पास से मोबाइल फोन बरामद हुए। जेल की बैरेक नंबर दो में बंद विचाराधीन बंदी ओमपाल के पास जेल सुरक्षाकर्मियों को मोबाइल फोन मिला। बंदी के पास मोबाइल फोन मिलने की घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसको लेकर तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे है।

जेल अधीक्षक ने घटनाओं पर साधी चुप्पी

एक माह के अंदर जेल में मोबाइल फोन बरामद होने और एक विचाराधीन बंदी की गलत रिहाई जैसी सनसनीखेज घटनाएं हुईं। इन घटनाओं के संबंध में जब बिजनौर जेल अधीक्षक आदिति श्रीवास्तव से पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब देने के बजाए पूरे मामले पर ही चुप्पी साध ली। हकीकत यह है कि घटनाएं होने के बाद शासन के कोई कार्यवाही नहीं लिए जाने से जेल अधिकारी बेलगाम हो गए हैं।

नोट: बिजनौर जेल की फोटो के साथ लगाएं

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