भगवान बुद्ध की असाधारण जीवन यात्रा के संस्मरणों को प्रदर्शित करेगी योगी सरकार

उत्तर प्रदेश के बौद्ध विरासत स्थलों के माध्यम से भगवान बुद्ध की स्मृति में ‘द बोधि यात्रा 2024’ का नई दिल्ली में होगा आयोजन

-बौद्ध तीर्थयात्रियों को उत्तर प्रदेश में आकर्षित करने की मंशा से एक दिनी इंटरैक्टिव व कल्चरल सेशन का हो रहा है आयोजन

-सीएम योगी की मंशा अनुसार उ.प्र पर्यटन विभाग ने शुरू की तैयारियां, 28 जून की तिथि कार्यक्रम के लिए निर्धारित

-पूरी दुनिया से अतिथियों को किया जाएगा आमंत्रित, अतिथियों के सम्मान में डिनर का भी होगा आयोजन

लखनऊ, 18 जून। उत्तर प्रदेश में पर्यटन की असीमित संभावनाओं को तलाश कर उसे गति देने के लिए प्रयासरत योगी सरकार प्रदेश में बौद्ध तीर्थ पर्यटन को बढ़ाने के लिए एक अभिनव प्रयास करने जा रही है। प्रदेश में ख्याति प्राप्त बौद्ध तीर्थ स्थलियों पर देश-विदेश से तीर्थयात्री, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए योगी सरकार 28 जून को ‘द बोधि यात्रा 2024’ नाम के कार्यक्रम का नई दिल्ली में आयोजन करने जा रही है। इस एक दिनी कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के बौद्ध विरासत स्थलों के माध्यम से भगवान बुद्ध की असाधारण जीवन यात्रा के संस्मरणों को प्रदर्शित करना है।

स कार्यक्रम को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ की मंशा अनुसार उ.प्र पर्यटन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कार्यक्रम में बौद्ध कला-संस्कृति के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के योगदान और उत्तर प्रदेश से भगवान बुद्ध के जुड़ाव व महत्व को विभिन्न कलात्मक प्रस्तुतियों के जरिए दर्शाया जाएगा।

देश-विदेश से अतिथियों का होगा कार्यक्रम में आगमन

माना जा रहा है कि कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए देश-विदेश से अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा तथा उनके सम्मान में डिनर का भी आयोजन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ‘द बोधि यात्रा’ कार्यक्रम के दौरान इंटरैक्टिव व क्लचरल सेशन का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली के 5 सितारा होटल में किया जाएगा जिसका जल्द ही निर्धारण हो जाएगा। माना जा रहा है कि कार्यक्रम में 400 से ज्यादा विजिटर्स भाग ले सकते हैं और इसी अनुरूप उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग कार्यक्रम के दृष्टिगत अपनी तैयारियों को अमलीजामा पहनाने की दिशा में कार्यरत है।

 

आरएफपी माध्यम से मांगे गए हैं आवेदन

कार्यक्रम के उचित संचालन व अन्य संबंधित प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए उ.प्र पर्यटन विभाग द्वारा रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) माध्यम के जरिए इवेंट मैनेजमेंट एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं। उल्लेखनीय है कि ई-निविदा के माध्यम से कार्यावंटन प्राप्त करने वाली एजेंसी को कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में बौद्ध सर्किट स्थलों की विस्तृत प्रदर्शनी को सुनिश्चित करना होगा। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में सांस्कृतिक संध्या मंच की स्थापना, ब्रांडिंग और सजावट, फूलों से सजावट, आयोजन स्थल की ब्रांडिंग, स्मारिका किट की आपूर्ति और वितरण का कार्य करना होगा।

पांच महीने में 2.86 करोड़ भक्तों ने बाबा के दरबार में लगाई हाजिरी

 

पूरे कार्यक्रम के समन्वय को एजेंसी करेगी सुनिश्चित

कार्यावंटन प्राप्त करने वाली इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी को कल्चरल सेशन के दौरान कलाकार, एंकर, दर्शकों के बैठने की व्यवस्था, तकनीकी सहायता, रखरखाव और अन्य सभी संबंधित जनशक्ति सहायता उपलब्ध करानी होगी। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में लाइट-साउंड, एलईडी और वीडियो आपूर्ति के साथ ऑडियो सेटअप को सुनिश्चित करने के साथ विभागीय अधिकारियों के साथ पूरे कार्यक्रम का समन्वय सुनिश्चित करना होगा।

Raj Dharm UP Uncategorized

दिल्ली में एनसीआर तो अब लखनऊ में बना एससीआर

अजय कुमार, लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आसपास के जिलों का सामूहिक विकास करने के लिए योगी सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की तर्ज पर उप्र राज्य राजधानी क्षेत्र (एससीआर) विकास प्राधिकरण की स्थापना कर दी है. इसके लिये शासन ने गत दिवस देर रात अधिसूचना जारी कर दी। मुख्यमंत्री प्राधिकरण के […]

Read More
Raj Dharm UP

जेल में हो रहा खेल: गाजियाबाद जेल में कार्यवाही के नाम पर हुआ पक्षपात!

निलंबित करने के बजाए विशेष ड्यूटी लगाकर दोषियों को बचाया मामूली घटनाओं पर निलंबन और बड़ी घटनाओं पर नहीं हुई कोई कार्यवाही  राकेश यादव लखनऊ। प्रदेश कारागार विभाग को महिमा अपरंपार है। इस विभाग में कार्यवाही में भी पक्षपात किया जा रहा है। जेल के अंदर कट्टन मिलने पर जेलर को निलंबित कर दिया जाता […]

Read More
Raj Dharm UP

योगी की पहल उतर रही धरातल पर, शिमला का सेब अब पूरब की तराई में!

केवीके बेलीपार की पहल पर गोरखपुर के कुछ किसान बड़े पैमाने पर खेती की तैयारी में मात्र दो साल में ही आ जाता है फल, तीन साल पहले आई थी यह प्रजाति लखनऊ। शिमला का सेब तराई में! है न चौंकाने वाली बात। पर चौंकिए मत। यह मुकम्मल सच है। ठंडे और ऊंचे पहाड़ों से […]

Read More