Delhihomeslider

गैस चैंबर बनती जा रही दिल्ली! सांस लेने लायक नहीं है। इन इलाकों की हवा, आखिर क्या है पूरा मामला

Delhi is becoming a gas chamber! Not worth breathing. The air of these areas, after all what is the whole matter #NayaLookNews

नई दिल्ली ।  दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से अभी राहत मिलती नहीं दिख रही है। बताया गया है, कि  हवा की रफ्तार सुस्त होने से शनिवार को हवा में प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है। दिल्ली की हवा शुक्रवार को भी बेहद खराब श्रेणी में रिकॉर्ड की गई। दिल्ली वाले लगातार प्रदूषण भरी हवा में सांस लेने को मजबूर हैं। बताया गया है, कि सुबह के समय कोहरा, बादल छाने और शांत पड़ी हवा के चलते गुरुवार को दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 429 के अंक पर था। इसे गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।

हालांकि, शाम के समय दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हुई, जिसके बाद प्रदूषक कण कुछ हद तक बैठ गए। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक शुक्रवार को 346 अंक पर रहा। इस स्तर की हवा को बेहद खराब श्रेणी में रखा जाता है। गौरतलब है कि, एक दिन पहले की तुलना में इसमें 83 अंकों का सुधार हुआ है। बताया गया है, कि दिल्ली के ज्यादातर इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 अंक से ऊपर है।

वहीं, जहांगीरपुरी निगरानी केंद्र का सूचकांक 409 के अंक पर रहा। गौरतलब है कि इस स्तर की हवा को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।ढाई गुना अधिक प्रदूषणएक दिन पहले की तुलना में भले ही प्रदूषण के स्तर में कमी आई हो, लेकिन दिल्ली की हवा में अब भी ढाई गुने से ज्यादा प्रदूषक कण मौजूद हैं। केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, शाम के पांच बजे हवा में पीएम 10 का स्तर 254 माइक्रोग्राम और पीएम 2.5 का स्तर 162 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। मानकों के मुताबिक, हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से कम और पीएम 2.5 का स्तर 60 से कम होना चाहिए।

मिथिला पंचांग : जानें किन चार  राशियों पर बहुत शुभ रहेगा साल का अंतिम, सूर्य ग्रहण, जाने आज का राशिफल

इसके अनुसार दिल्ली की हवा में प्रदूषण का स्तर अभी मानकों से ढाई गुने ज्यादा है।चार घंटे प्रति घंटे के करीब रफ्तार रहेगी मौसम विभाग का अनुमान है कि शनिवार को हवा की रफ्तार ज्यादातर समय शांत रहेगी। बीच-बीच में हवा चलेगी भी तो उसकी रफ्तार चार किलोमीटर प्रति घंटे से ज्यादा नहीं होगी। जबकि, रविवार को भी हवा की रफ्तार दस किलोमीटर प्रति घंटे से नीचे ही रहने की संभावना है। बताया गया है कि  हवा तेज चलने पर वातावरण में मौजूद प्रदूषक कण बह जाते हैं।

Related Articles

Back to top button