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मलाला ने किया निकाह, फ़ोटो ट्वीट कर दी जानकारी

Malala got married, tweeted the photo #NayaLookNews

सबसे कम उम्र में नोबेल पाने वाली लड़की ने विदेश में रचाई शादी

तालिबानी क़ानून के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने के कारण चर्चा में आई थीं मलाला यूसूफजई


बर्मिंघम।  तालिबानी आतंक के ख़िलाफ़ कम वय में आवाज़ उठाने वाली नोबेल शांति पुरस्कार विजेता और पाकिस्तान की सामाजिक कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई ने अपना जीवनसाथी चुन लिया। मलाला ने ट्वीट किया कि आज का दिन मेरे जीवन का एक अनमोल दिन है। उन्होंने ट्वीट कर यह निवेदन भी किया कि कृपया हमें अपनी प्रार्थना भेजें। हम आगे की यात्रा के लिए एक साथ चलने के लिए उत्साहित हैं। बताते चलें कि मलाला ने परिवार के साथ बर्मिंघम में घर पर एक छोटा निकाह समारोह मनाया।

मलाला ने अपनी शादी की कुछ फोटो भी शेयर की हैं। जिसमें वह साधारण ज्वैलरी के साथ टी पिंक कलर का आउट फिट पहने दिख रही हैं। उनके पति एसर एक साधारण सूट पहने दिख रहे हैं। बताते चलें कि मलाला उस वक्त सिर्फ 15 साल की थीं जब तालिबान ने 2012 को लड़कियों की शिक्षा और शांति के लिए आवाज उठाने के लिए उन्हें तालिबान ने उनके सिर पर गोली मार दी थी। वह तालिबानी हमले को मात देकर दुनिया के सामने महिलाओं की आवाज को बुलंद करने वाली महिला बनकर उभरीं।

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बताते चलें कि मलाला को उनके सामाजिक कार्यों के लिए नोबल पुरस्कार मिला है। नोबेल पाने वाली वह पूरे विश्व की सबसे कम उम्र की शख्सियत हैं। 12 जुलाई 1997 को पाकिस्तान के मिंगोरा शहर में एक पश्तो परिवार में मलाला ने जन्म लिया था। उनकी पश्तो जाति अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा के आस पास की बसी थी और पाकिस्तान में एक लोक कथा प्रचलित है जिसमें मईवाड़ नामक प्रांत में मलालाई नाम की एक लड़की रहती थी जो एक चरवाहे की बेटी थी। उस समय उनका गांव मईवाड़ अंग्रेजों के कब्जे में था जिसे छुड़ाने के लिए अंग्रेजो के साथ गांव वालों का युद्ध हुआ। जब मलालाई को यह पता चला की युद्ध में गांव के कई नौजवान घायल हो गए तो उनकी मरहम पट्टी और पानी पिलाने के लिए वह युद्ध भूमि में चली गई।

जहां उसने अपने गांव के नौजवानों को हारते हुए देखा। जैसे ही देश का झंडा जमीन पर गिरने लगा वह उसे उठाकर जोर से नौजवानों को प्रेरित करने लगी। तभी उन पर गोली चला दी गई। वहीं पर वह शहीद हो गई। तब से इतिहास में उनका नाम मलालाई मईवाड़ के नाम से प्रसिद्ध है। काबुल के बीचोंबीच उनकी याद में एक मईवाड़ विजय स्मारक बना हुआ है। मलालाई के नाम पर मलाला के पिता ने उनका यह नाम रखा।

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