Bihar

…जब दो शिक्षकों ने आपस में की लड़ाई और वीडियो हुआ वायरल

…when two teachers fought among themselves and the video went viral #NayaLook

एक दूसरे को गाली-गलौज करते CCTV कैमरे में क़ैद हुई दो शिक्षकों की तक़दीर

पटना। इनके ज़िम्मे नौनिहालों को नवजीवन देने की ज़िम्मेदारी है। यह अपने प्रयास से भारत का भाग्य बदल सकते हैं। इनके संघर्ष से देश में तेज़ी से फैल रहे भ्रष्टाचार पर तेज़ी से रोक लग सकता है। लेकिन यह छोटी-छोटी बातों पर नाराज़ हो जाते हैं और अपनी जमात का नाम पूरी दुनिया में अकेले बता सकते हैं। शायद यही कारण है कि गोरखपुर के एक चिकित्सक ने शिक्षकों के लिए दवा, इलाज और एपाइंटमेंट जैसी कई चीजें मुफ़्त में दे रहे हैं। अब दो शिक्षक की आपस में लड़ाई का एक वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहा है। बिहार के मोतिहारी जिले के आदापुर से एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा रहा है दो शिक्षक मामूली बात पर एक-दूसरे के साथ लड़ रहे हैं और एक दूसरे के साथ मारपीट कर रहे हैं। ‘मैं वरीय तो मैं वरीय’ की लड़ाई ने एकाएक हिंसक रूप ले लिया और दोनों शिक्षक अपनी ताकत की जोर-आजमाइश करने लगे। मारपीट व उठापटक का यह वीडियो देखते ही देखते वायरल होने लगा।

वीडियो में आप देख सकता है कि कैसे दो शिक्षक आदापुर के BRC भवन (जहां DIO का कार्यालय भी है) इस वीडियो में एक-दूसरे के साथ कैसे उठापटक कर रहे हैं और एक-दूसरे के खिलाफ गाली दे रहे हैं। गौरतलब है कि मारपीट से जहां कार्यालय में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया । वही इस लड़ाई को देखकर अन्य अधिकारियों व कर्मचरियों ने खिसकने में ही भलाई समझी। एक शख्स इन दोनों के झगड़े को सुलझाने व दोनों को हटाने का प्रयास करते जरूर दिख रहा है।दो शिक्षकों के बीच की यह लड़ाई शिक्षा विभाग की कार्यशैली व अनियमितता को भी जगजाहिर करने के लिए काफी है। बताते चलें कि जिले के कई प्रखंडों में शिक्षा विभाग की ‘मलाई’ खाने के लिए कार्यालय की कर्मियों की मिलीभगत से वरीय व कनीय शिक्षक बनने व बनाने का खेल हमेशा से होता आ रहा है, जिसका परिणाम आज देखने को मिल रहा है।

मिली जानकारी के मुताबिक आदापुर के चैनपुर के सोनार टोला स्थित नव सृजित प्राथमिक विद्यालय में हेड मास्टर के प्रभार को लेकर महीनों से चले आ रहे विवाद के मामले में जिला शिक्षा विभाग के कार्यालय के निर्देश के आलोक में आदापुर BEO हरेराम सिंह ने पत्र जारी कर वर्तमान प्रभारी एचएम शिवशंकर गिरी व वरीय शिक्षक होने की दावा करने वाली रिंकी कुमारी को शैक्षणिक व नियोजन से संबंधित कागजातों को तीन दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था जिसे जमा करवाने के क्रम में दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई। फिर तू-तू मैं-मैं के बाद मामला मारपीट व उठापटक में तब्दील हो गई। इस संबंध में पूछे जाने पर BEO ने अपना पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि नही मालूम कि किस बात को लेकर दोनों में मारपीट व झगड़ा हुआ है। पूरे मामले की जांच की जा रही हैं। इस संबंध में प्रतिक्रिया के लिए जिला जिला शिक्षा पदाधिकारी व जिला अधिकारी से भी संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन वे पहुंच नहीं हो सके। मामला चाहे जो भी हो लेकिन इस मारपीट की घटना ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर एक बार फिर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

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