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पुलिस अधीक्षक ने पीड़िता के बेटे को मारा थप्पड़

Superintendent of Police slaps victim's son #NayaLook

आजमगढ़ जिले में हुई घटना का मामला

ए अहमद सौदागर

लखनऊ। मातहत तो मातहत अफसर भी कानून को बलि चढ़ाने में पीछे नहीं हैं। ऐसा ही एक मामला जनपद आजमगढ़ में देखने को मिला जहां पीड़ित की फरियाद सुनने के बजाए पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह ने परिवार के एक युवक को सरेराह धक्का देते हुए कई थप्पड़ जड़ दिए और उसकी पीड़ा सुनने के बजाए उसे हिरासत में ले लिया।

पूरे घटनाक्रम पर एक नजर

रौनापार थाना क्षेत्र में की वाली एक महिला का आरोप है कि वह आठ अक्टूबर को उसकी आठ वर्षीय बेटी दुकान पर सामान लेने जा रही थी कि रास्ते में उसके साथ एक दीपक नाम के वहशी ने छेड़खानी शुरू कर दी। आरोप है कि विरोध करने पर रात होते ही वहशी दीपक ने मासूम को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म किया। दूसरे दिन सुबह करीब पांच बजे बच्ची गांव के बाहर स्थित सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पड़ी मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में घरवाले अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान मासूम बच्ची ने दम तोड़ दिया। मौत होते ही घरवालों में कोहराम मच गया और इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच-पड़ताल कर रिपोर्ट दर्ज कर शांत बैठ गई। इस मामले को लेकर इंसाफ दिलाने के बजाए पुलिस पूरे मामले को दबाने में जुट गई।

बताया जा रहा है कि इससे नाराज होकर पीड़ित परिवार अपने करीबी समर्थकों के साथ बुधवार को पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पहुंच गए। मामले में कोई कार्रवाई न होने से आहत परिवार का एक शख्स पुलिस अधीक्षक की गाड़ी दफ्तर से बाहर निकलते सामने लेट गया। बताया गया कि यह माजरा देख पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह आपा खो बैठे और गाड़ी से उतरकर पीड़ित परिवार के युवक को कई थप्पड़ जड़ दिए। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वह सड़क पर उतरकर धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। वहीं पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि रौनापार थाने के लोग जनसुनवाई के दौरान मिले थे। उन्होंने ने बताया कि जैसे ही उनकी वाहन निकली तो वह नीचे आने की कोशिश कर रहा था, जिसे लेकर वह उसे मारा नहीं बल्कि डांट-फटकार लगाई थी। फिलहाल एक जिम्मेदार अधिकारी के इस रवैए की सूचना मिलने पर लोगों में काफी आक्रोश है।

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