NationalReligion

बदल गया भारत का इतिहासः पहली बार नौ दिन, नवरात्रि और सभी दिन जनता को बधाई

History of India changed: For the first time nine days, Navratri and greetings to the public on all days #NayaLook

प्रधानमंत्री नरेंद्र और यूपी के सीएम महंत आदित्यनाथ के इस प्रयास से होने लगा हिंदू राष्ट्र का अहसास

पूरे देश में धूमधाम से मन रही है दुर्गा सप्तमी, आज होती है कालरात्रि की पूजा

नया लुक संवाददाता

लखनऊ। भोर के पाँच के आसपास का समय था। तभी यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ट्वीट आया- ‘दुष्टों के संहार हेतु विभिन्न अस्त्र-शस्त्र धारण करने वाली त्रिनेत्री आदिशक्ति माँ दुर्गा की सप्तम स्वरूप माँ कालरात्रि हम सभी के जीवन को सुखमय बनाएं व रोगों एवं महामारी आदि से विश्व की रक्षा करें, यही प्रार्थना है।’ उनके ट्वीट के कुछ देर बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी ट्वीट आया। उन्होंने लिखा कि मां कालरात्रि से प्रार्थना है कि सारी बाधाओं को दूर कर वे हर किसी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आएं। ये एक दिन की बात नहीं है। नवरात्रि के नौ दिनों तक रोज़ ट्वीट देखकर राजनीति के जानकारों की परेशानी बढ़ने लगती है। एक रणनीतिकार कहते हैं कि सोशल मीडिया के ज़माने में लगातार लोगों से जुड़े रहने के लिए लोग रोज-रोज पोस्ट करते हैं।

https://twitter.com/myogiadityanath/status/1447680406719926273/photo/1

वहीं वीर सावरकर मंच के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. अजय दत्त शर्मा कहते हैं कि सोशल मीडिया की बात नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहुसंख्यक हिंदुओं की भावनाओं को समझते हैं, जबकि योगी हिंदुओं के कट्टर समर्थक हैं, यह जगज़ाहिर है। वह कहते हैं कि कांग्रेस के ज़माने में प्रधानमंत्री हिंदुओं के किसी भी त्यौहार पर शुभकामनाएँ नहीं देता था। सामाजिक कार्यकर्ता एवं मेधा जागृति संस्थान के अध्यक्ष पंडित राजेश शर्मा कहते हैं कि पहले नेताओं को जाली टोपी पहनकर अपने समर्थकों के बीच में जाना पसंद था। उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी की सरकार रही हो या फिर केंद्र में कांग्रेसी सरकार किसी ने हिंदुओं की भावनाओं को नहीं समझा। वहीं वरिष्ठ पत्रकार पवन सिंह कहते हैं कि बीजेपी IT CELL का एक पुराना पैंतरा है…जब‌ भी जहां भी फेल हो हिंदू-मुस्लिम कर दो।

कश्मीर से 1990 में जब पंडितों का पलायन हुआ तो सत्ता में यही तथाकथित राष्ट्रवादी थे। थोड़ा इतिहास की ओर ले चलते हैं। जम्मू कश्मीर में मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती का इस्तीफा हुआ। घाटी में साल 1989 के नवंबर से हालात बुरी तरह बिगड़ने लगे। केंद्र में बीजेपी और वाम मोर्चा समर्थित जनता दल की वीपी सिंह सरकार बनने के साथ घाटी में कश्मीरी पंडितों के कत्लेआम और उन्हें घाटी से बाहर खदेड़ने का सिलसिला आरंभ हुआ। कश्मीरी पंडितों का पहला जत्था नई दिल्ली स्थित अमर कालोनी पहुंचा‌। यह तारीख थी 30 दिसंबर, 1989। विपक्ष में कांग्रेस थी और कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने केंद्रीय गृहमंत्री मुफ्ती मुहम्मद सईद पर निशाना साधा तब सईद और तथाकथित राष्ट्रवादियों की नींद टूटी और वो हरकत में आए।

लेकिन इसी बीच सईद की डाक्टर बेटी, रूबिया सईद का घाटी के आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया। राष्ट्रवादियों के कैरेक्टर का एक नया रूप देखने को मिला जब केंद्र सरकार ने चंद खूंखार आतंकवादियों की रिहाई के बदले रूबिया की वापसी का सौदा कर लिया। तथाकथित राष्ट्रवादियों को जो बाहर से समर्थन दे रहे थे उन्हें अपना हिंदू वोट बैंक खिसकने की चिंता हुई। इसलिए पीएम और सीएम के जो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट आ रहे हैं वह केवल हिंदुओं को लुभाने के लिए आ रहे हैं।

Related Articles

Back to top button