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भारी गर्मी से आजिज दुबई में सरकार ने कराई ‘मानव निर्मित’ बारिश

Government made 'man-made' rain in Dubai, fed up with heavy heat #NayaLookNews

एक और भारत में मानसून झमाझम बरस रहा है। कई जिलों और राज्यों में रेड अलर्ट है। वहीं समंदर पार दुबई में लोग बारिश के लिए तड़प रहे हैं। आलम यह है कि दुबई के लोग 50 डिग्री पारा में झुलसने को मजबूर हैं। उनकी इस परेशानी को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात सरकार (UAE) ने कृत्रिम बारिश कराने का फैसला किया है। उनके इस विधि से शहर में चार से पांच सेंटीमीटर बारिश कराई जा सकती है।

भारी बारिश की संभावना के चलते मुंबई में ‘रेड अलर्ट’

संयुक्त अरब अमीरात में इन दिनों भयंकर गर्मी पड़ रही है। हालत इतनी खराब है कि पारा 120 डिग्री फॉरेनहाइट यानी कि करीब 50 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, लेकिन बारिश की संभावना दूर-दो तक नजर नहीं आ रही थी, ऐसे में प्रशासन ने खुद ही कृत्रिम बारिश कराने का फैसला किया। इंडिपेंडेंट (Independent) की एक खबर के मुताबिक संयुक्त अरब अमीरात के मौसम विभाग ने रविवार को दुबई (Dubai) समेत देश के कई हिस्सों में भारी बारिश होने का वीडियो जारी किया बताया जा रहा है। कि ये बारिश करने के लिए किए जा रहे, क्लाउड सीडिंग ऑपरेशन (Cloud Seeding Operation )का हिस्सा थी, इस मिशन में औसतन सिर्फ चार इंच बारिश कराई जा सकती है।

इस तकनीक के इस्तेमाल से हुए बारिश

ये बढ़ी हुए बारिश ड्रोन(Rain drone) तकनीक का उपयोग करके बनाई गए, इन तकनीक शॉक के जरिए बादलों को छोड़ा जाता है ताकि वे एक साथ टकरा सकें और बारिश कर सकें, खबर के मुताबिक भारी बारिश के कारण ऐल ऐन शहर में झरने बहने लगे और ड्राइविंग(driving) की स्थिति खतरनाक(Dangerous) हो गए, 2017 में संयुक्त अरब अमीरात प्रशासन ने देश में कम होते जलस्तर को रोकने के प्रयास में वर्षा निर्माण परियोजनाओं में 1.5 करोड़ का निवेश किया था। बादलों के इलेक्ट्रिक शॉक देने के लिए इस्तेमाल की जा रही मौजूदा प्रणाली का नेतृत्व इंग्लैंड(England) में यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग(University of reading) के शोधकर्ताओं द्वारा किया जा रहा है। प्रोजेक्ट पर काम करने वाले प्रोफेसर मार्टेन अंबाम ने मार्च में बीबीसी को बताया था, कि यूएई में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियों को बनाने के लिए पर्याप्त बादल

हैं, यह परियोजना पानी की बूंदों को आपस में मिलाने की कोशिश करती है, और जब वे एक विद्युत पल्स प्राप्त करते हैं।

 

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