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किसान आंदोलन: संसद के मानसून सत्र के खिलाफ जंतर मंतर पर किसान संसद

Farmer's Movement: Kisan Sansad at Jantar Mantar against the Monsoon Session of Parliament #NayaLookNews

एक देश। एक कानून। एक न्याय व्यवस्था और एक संविधान। कई मुद्दों पर स्थिर रहने वाली भारतीय जनता पार्टी (BJP) किसानों के मुद्दे पर भटकी हुई नजर आने लगी है। हालांकि इस मुद्दे पर 100% जिम्मेदारी भारतीय जनता पार्टी की ही नहीं ठहरा सकते। कई मुद्दे पर किसान भी दोषी हैं। जिस अन्नदाता को खेतों में रहकर अन्न उपजाना चाहिए वह पिछले सात से आठ महीने से बॉर्डर पर बैठा अनशन कर रहा है। सवाल उठता है, कि उन्हें किस का समर्थन प्राप्त है।

कृषि सुधार कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे, किसान 22 जुलाई को राष्ट्रीय राजधानी के जंतर मंतर पर धरना देंगे । किसान नेता राकेश टिकैत(Rakesh Tikait) ने बुधवार को यहां बताया कि कल करीब 200 किसान धरना में शामिल होंगे। धरना में शामिल होने वाले किसानों के बारे में निर्णय संयुक्त किसान मोर्चा (Kisan Morcha) करेगा। किसान बसों से धरना स्थल पर पहुंचेंगे।

किसान पुलिस(Police) की निगरानी में आयेंगे और शाम को धरना समाप्त कर देंगे। धरना शांतिपूर्ण होगा और कोरोना नियमों का पालन किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा ने संसद के मानसून सत्र के दौरान धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। किसान संगठनों और सरकार के बीच 11 दौर की बातचीत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका था। पिछले सात माह से अधिक समय से किसान राजधानी की सीमाओं पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

 

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