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आईए जानतें है, हमारा फोन हैक है की नही कैसे करें पता

Let's know, our phone is hacked or not know how to do it #NayaLookNews

आज हम घर बैठे-बैठे पुरी दुनिया के खबर को जान लेतें है। आज के दुनिया में हर कोई  स्मार्ट फोन यूजर्स है। हमारा सारा संसार 6 इंच के एक फोन में लिपट कर रह गया है। सारे काम हमारा फोन से ही किया जाता है। चाहें वह डाक्यूमेंट हो या फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन। अगर हमारा फोन एक घंटा भी काम न करें तो हम लोग बेचैन हो जाते हैं। ऐसा लगता है कि हमारा जीवन फोन के बिना नही चल पाएगी। अब तो बच्चों की पढ़ाई भी बिना फोन के नही होती। कभी-कभी हमारें फोन को कोई हैक कर लेता है, ये सिर्फ हमारें गलतियों कि वजह से होता है। हमारें मोबाइल में कोई भी नॉटिफिकेसन आती है तो हम लोग उसको ALLOW करते चले जातें है जो हमारे लिए काफी खतरनाक शबित होता है। साइबर एक्सपर्ट का कहना है, कि, हम दुनिया के हर चीजों को हैक कर सकतें है। इसलिए हमें यह भी मान लेना चाहिए कि हमारा फोन भी हैक हो सकता है।

इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी आप अपने फोन में जो भी एप्लीकेशन डाउनलोड (Application download) करते हैं, उसे सुरक्षित प्लेटफार्म से ही डाउनलोड करें। किसी वेबसाइट (Website) से कभी कोई ऐप डाउनलोड न करें। किसी भी ऐप (Apps) को डाउनलोड करने से पहले उसके सभी टर्म एंड कंडीशन(End condition) को अच्छी तरह से पढ़ और समझ लेना चाहिए ।

एस (S) का मतलब सिक्योरिटी

अगर आप को कोई चीज खरीदनी है, या फिर कोई फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (financial transaction) करना है, तो वह वेबसाइट https से शुरू होनी चाहिए। एस का मतलब सिक्योरिटी (security) से होता है। अगर आप अपना फाइनेंशियल डाटा  (financialDATA) जैसे बैंक डिटेल, डेबिट/क्रेडिट कार्ड की जानकारी किसी बिना एस (S) वाली वेबसाइट (Website) पर डालते हैं तो यह डाटा महफूज नहीं होता है।  साइबर सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरुक होना होगा और साइबर (Cyber) सुरक्षा को जीवन जीने की शैली जैसा अपनाना होगा, अनजान ऐप्स को कभी डाउनलोड (download) न करें। ऐसे पहचानें हैकिंग को फोन हैक होने पर अजीब सी हरकत करने लगता है। अपने आप ही तमाम एप्लीकेशन (Applications) खुलने लगती हैं। डाटा यूज बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। खुद ही ऐप डाउनलोड होने लगते हैं। रोकने पर भी डाउनलोडिंग (downloading) रुकेगी नहीं फोन ज्यादा गर्म हो जाता है। हैक हुए, फोन में पॉप अप विज्ञापनों की बाढ़ सी आने लगती है। इंटरनेट (INTRNET) पर सर्फिंग करते समय इतने विज्ञापन आपने फोन में दिखाई देने लगते हैं कि आप परेशान हो उठते हैं।

 

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