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देवशयनी एकादशीः आज से दक्षिणायण होंगे सूर्य और शुरू होंगे शिव के चार माह

Devshayani Ekadashi: From today the sun will be Dakshinayan and the four months of Shiva will start #NayaLookNews

लखनऊ। आज (मंगलवार) 20 जुलाई ’21 को देवशयनी एकादशी है। आज से ही शिव के चार माह यानी चातुर्मास शुरू हो रहे हैं। इस दिन से भगवान श्रीविष्णु योगनिद्रा में शयन करने चलें जाएंगे और ब्रह्मांड की पूरी जिम्मेदारी भगवान शिव के कंधे पर रहेगी। इसी दिन से सभी शुभ कार्य तब तक के लिए बंद हो गए, जब तक भगवान उठ न जाएं। जानिए इस चातुर्मास में क्या होगा और भगवान के सो जाने से क्या घटना घटित होती है।

  • सूर्यनारायण की गति दक्षिण दिशा की ओर होगी।
  • 16 जुलाई ’21 को शाम 4:41 पर कर्क राशि में हुए सूर्यनारायण।
  • दक्षिणायण के चलते दिन होगा लहुरा (छोटा) और रात होगी घनेरी (लंबी)।
  • दिन छोटा तो प्रकाश होगा कम और रात लंबी तो अंधकार होगा ज्यादा।
  • अंधकार गहरा हो तो दीप-ज्योति की होगी जरुरत।
  • नकरात्मकता का मतलब अंधकार और सकारात्मकता का मतलब प्रकाश।
  • नकारात्मकता का अंधेरा जीवन में बढ़ने लगे तो विवेक के प्रकाश को बढ़ाने की जरूरत।
  • रात बड़ी तो जागते रहने की जरूरत।
  • सो जाने से चोरी हो सकती है।
  • चोरी का आशय तन-मन में नकारात्मकता के चोर घुस आएंगे।
  • विष्णु जी के शयन का मतलब भौतिक संसार से आंख बंद कर आत्मिक संसार की ओर दृष्टि करना।
  • योग-निद्रा का मतलब योग को दक्षिण (दाहिने) हाथ यानी मजबूती से पकड़ने की जरूरत।
  • दाहिना हाथ मजबूत और कर्मवाद का प्रतीक।
  • चातुर्मास में योग के अभ्यास में खगोलीय प्रभावों का विशेष लाभ।
  • प्रबोधिनी एकादशी तक बौद्धिक-क्षमता में वृद्धि होगी।
  • दक्षिणायण सूर्य दक्षता-वृद्धि का अवसर।
  • दक्षिणायण में कर्क राशि से धनु राशि तक सूर्य का चक्रमण।
  • केकड़े (जीव भी और प्रवृत्ति भी) से सजग रहकर विवेक के धनुष संधान तक की उपलब्धि हासिल करने का अवसर।

 

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