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भगवान राम की आस्था का सौदा करने वालों पर प्रधानमंत्री चुप क्यों ! राम मंदिर जमीन विवाद पर कांग्रेस का हमला

Why is the Prime Minister silent on those who deal with the faith of Lord Ram? Congress attack on Ram temple land dispute#naya look news

नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर जमीन विवाद में कांग्रेस ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। जमीन खरीद विवाद पर कांग्रेस ने कहा जो भगवान को धोखा देते हैं वो इंसानों को क्या छोड़ेंगे। राम मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों लोगों से चंदे का दुरुपयोग और धोखाधड़ी महापाप और घोर अधर्म है। बीजेपी नेता मर्यादा पुरुषोत्तम राम के चरित्र से एक शब्द नहीं सीख पाए। वह तो उल्टा श्री राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए चंदे से करोड़ों का घोटाला कर रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे पर ट्रस्ट का गठन करने वाली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरी तरह से चुप क्यों हैं। उन्हें इन सवालों का जवाह देना चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि क्या भगवान राम की आस्था का सौदा करने वाले पापियों को मोदी जी का संरक्षण प्राप्त है? उन्होंने पूछा कि इस प्रकार की और कितनी जमीन मंदिर निर्माण के चंदे से औने-पौने दामों पर खरीदी गई है? भगवान राम के नाम पर इतना बड़ा कदाचरण भाजपा नेताओं ने कैसे किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री देश को जवाब दें तथा देश के मुख्य न्यायाधीश व सुप्रीम कोर्ट पूरे मामले का संज्ञान लेकर सुप्रीम कोर्ट मॉनिटर्ड जांच करवाएं। कांग्रेस ने कुछ तथ्यों पर रोशनी डालते हुए दावा किया कि दुनिया के इतिहास में 5,50,000 रुपया प्रति सेकंड के हिसाब से बढ़ने वाली जमीन की यह अनोखी कीमत है।

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इस पैसे का भुगतान उस धनराशि से किया गया, जो करोड़ों भारतीयों ने आस्था से मंदिर निर्माण के लिए दी थी। कुसुम पाठक व हरीश पाठक ने अयोध्या में 12,080 वर्ग मीटर जमीन 18 मार्च, 2021 को शाम 7:10 बजे रजिस्टर्ड सेल डीड से 2 करोड़ रु. में रवि मोहन तिवारी व सुल्तान अंसारी को बेच दी। उसी दिन, यानि 18 मार्च, 2021 को शाम 7:15 बजे यही 12,080 वर्गमीटर जमीन रवि मोहन तिवारी व सुल्तान अंसारी द्वारा श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मार्फत सेक्रेटरी, श चंपत राय को 18.5 करोड़ रु. में बेचने का रजिस्टर्ड इकरारनामा कर पैसे का भुगतान कर दिया गया। उनके अनुसार 18 मार्च 2021 को शाम 7:10 व 7:15 बजे यानि पांच मिनट के बीच रजिस्टर्ड दोनों कागजात में राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी जा रही जमीन की कीमत 2 करोड़ रु. से बढ़कर 18.5 करोड़ रु. हो जाती है।

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