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संत, पुजारी और पुरोहित उत्तराखंड सरकार से नाराज, देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के खिलाफ मौन व्रत

Saints, priests and priests angry with Uttarakhand government, observe silence against Devasthanam Management Board#naya look news

विख्यात केदारनाथ धाम के बाहर कर रहे हैं मौन धरना-प्रदर्शन

नया लुक ब्यूरो

देहरादून। देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड में साधू,सन्यासी और संत राज्य की बीजेपी सरकार से नाराज हैं। सरकार से उनका विरोध उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड बनाने को लेकर है। वे दुनिया भर में विख्यात केदारनाथ धाम के बाहर बैठकर बीजेपी सरकार के इस फैसले का मौन विरोध कर रहे हैं। केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज के सदस्य अंकित सेमवाल ने सरकार को चेतावनी देते हए कहा है कि अभी तो सिर्फ सांकेतिक प्रदर्शन किया जा रहा है। अगर सरकार ने जल्द ही कोई फैसला नहीं लिया, तो इस आंदोलन प्रसिद्ध तीर्थस्थल केदारनाथ मंदिर के बाहर बैठकर मौन विरोध प्रदर्शन कर रहे पुजारी,पुरोहित और संत उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को भंग किए जाने की मांग कर रहे हैं। उनका यह विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। पुजारियों व पुरोहितों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उनकी मांग नहीं मानी जाएगी, वो विरोध प्रदर्शन करेंगे और जल्द ही इस शांत विरोध प्रदर्शन को तेज़ किया जाएगा।

केदारनाथ तीर्थ पुरोहित समाज का कहना है कि देवस्थानम बोर्ड बनाकर उनके अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया गया है। समाचार एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक विरोध जताने के लिए उपवास रखे हुए इन पुरोहितों ने बताया कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने इन्हें आश्वासन दिया था कि मुख्यमंत्री बनते ही वह उनकी मांगों पर ध्यान देते हुए देवस्थानम बोर्ड के बारे में पुनर्विचार करेंगे। इसके बाद भी मुख्यमंत्री ने वादा निभाना तो दूर बल्कि उनके साथ वादाखिलाफी की है। सरकार बोर्ड को भंग करने के बजाय, उसका और विस्तार कर रही है। इस तरह के कदम बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। संत और पुरोहितों ने चेतावनी दी कि जब तक बोर्ड को भंग नहीं किया गया तो विरोध जारी रहेगा।

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