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वैज्ञानिकों का दावा- पॉजिटिव मरीज के गुजरते ही डिवाइस देगी अलार्म

Scientists claim - device will give alarm as soon as a positive patient passes#naya look news

स्मोक अलार्म से थोड़ा आकार में बड़ा है कोरोना अलार्म

लंदन। एक ओर कोरोना की दूसरी लहर लोगों को अपने कहर का शिकार बना रही है, वहीं दूसरी ओर वैज्ञानिक इससे निपटने के लिए नई-नई तकनीक इजाद करने में जुटे हुए हैं। हालांकि इस बीच पूरी दुनिया में कोरोना की दूसरी लहर मद्धम पड़ चुकी है और लोग तेजी से ठीक भी हो रहे हैं। वहीं अप्रैल माह में यह महामारी अपने पीक पर थी। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्होंने एक ऐसी डिवाइस बनाई है जो चेहरा और व्यक्ति को देखकर कोरोना निगेटिव और पॉजिटिव का अलार्म दे देगी। इसका मतलब यह कि कोरोना के रिपोर्ट के लिए पैथॉलोजी के चक्कर काटने नहीं पड़ेंगे और कम समय में ही निगेटिव-पॉजिटिव पता चल जाएगा।

इस बीच ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि उन्होंने एक ऐसा सीलिंग-माउंटेड कोविड ‘अलार्म’ बनाया है, जो किसी कमरे में मौजूद कोरोना संक्रमित व्यक्ति का पता सिर्फ 15 मिनट में लगा सकता है। लंदन स्कूल ऑफ हाइजीन एंड ट्रॉपिकल मेडिसिन और डरहम यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा इस पर किए गए रिसर्च के शुरुआती नतीजे आशाजनक रहे हैं। द संडे टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कोरोना संक्रमितों की जानकारी देने वाले इस अत्यधिक सटीक उपकरण को आने वाले समय में विमान के केबिनों, कक्षाओं, केयर सेंटरों, घरों और कार्यालयों में स्क्रीनिंग के लिए एक संभावित वरदान के रूप में देखा जा रहा है।

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यह उपकरण उसी तरह काम करेगा जैसा कि स्मोक अलार्म करता है और उसका आकार भी स्मोक अलार्म से थोड़ा बड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार डिवाइस में परिणाम की सटीकता का स्तर 98-100 फीसदी तक कारगर है। यह PCR लैब-आधारित कोविड -19 परीक्षण और एंटीजन टेस्ट की तुलना में उससे ज्यादा सटीकता से कोरोना संक्रमितों के बारे में जानकारी दे रहा है।

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