Raj Dharm UP

अटकलो के बीच मुख्यमंत्री अचानक दिल्ली रवाना, सियासी अटकलें तेज

Amidst speculation, Chief Minister suddenly left for Delhi, political speculation intensified

अब तलाशे जाने लगे हैं बीएल संतोष की यात्रा का निहितार्थ


विशेष संवाददाता


लखनऊ। यूपी बीजेपी के अंदर असंतोष की खबरों के बीच मुख्यमंत्री योगी दिल्ली रवाना हो गए हैं। वे दो दिनों तक दिल्ली में रहेंगे। आज शाम उनकी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और अमित शाह से मुलाकात होने की बात कही जा रही हैं। शुक्रवार सुबह वे पीएम मोदी से मिलेंगे। इन दोनों के अलावा बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी योगी की अहम बैठक होगी। पिछले दिनों दिल्ली से आए केन्द्रीय महासचिव बीएल संतोष ने All is well का संदेश दिया था। ऐसे में मुख्यमंत्री के अचानक दिल्ली जाने के सियासी निहितार्थ तलाशे जाने लगे हैं।

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अब सियासी गलियारे चर्चाएं जो भी हो पर हालात बता रहे हैं कि फिलहाल यूपी को लेकर किसी तरह का बड़ा परिवर्तन नहीं होने जा रहा है। पार्टी के अंदरखाने यूपी में मुख्यमंत्री योगी के खिलाफ असंतोष की खबरें आई हैं। इन नेताओं को का मानना है कि योगी सरकार ने कोविड संकट का सक्षम तरीके से सामना करने में ढिलाई बरती है। उत्तर प्रदेश के चुनाव में कुछ ही महीनें का वक्त रह गया है। ऐसे में इस मुलाकात के राजनैतिक मायने निकालें जा रहे हैं। पार्टी के अंदर कुछ लोग इस मुलाकात को यूपी के कैबिनेट विस्तार से जोड़ रहे हैं। वहीं यूपी बीजेपी के संगठन में फेरबदल की बातें भी हो रही है।

पिछले दिनों लखनऊआए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष ने मुख्यमंत्री योगी से लेकर संगठन और सरकार के मंत्रियों तक की सुनी और उनकी क्षमता व योजना दृष्टि की थाह नापी। बैठकों में कोरोना में ऑक्सीजन व बेड की कमी और इस कारण बड़ी संख्या में हुई मौतों पर मुखर हुई नाराजगी की नब्ज टटोली गई। राष्ट्रीय महासचिव ने सरकार के प्रबंधन व तैयारियों के दावों की सच्चाई समझी, पंचायत चुनाव के भाजपा के पक्ष में अपेक्षित नतीजे न आने की वजहें भी जानीं। लौटते समय वे मुख्यमंत्री की पीठ भी थमथपा गए।

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ऐसे में माना जा रहा है कि विधान सभा चुनावों को लेकर मंत्रिमंडल में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। दरअसल यूपी में लंबे समय बाद पूर्ण बहुमत पाकर और वह भी 1991 से ज्यादा विधायकों के साथ प्रदेश की सत्ता में आई है। ऐसे में संघ भी किसी भी स्थिति में प्रदेश को खोना नहीं चाहता है। उसे पता है कि यूपी हारने का मतलब क्या होता है? शायद इसीलिए राष्ट्रीय महामंत्री महामंत्री बीएल संतोष को इसीलिए लखनऊ भेजा गया था।

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