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WhatsApp गयी दिल्ली हाईकोर्ट , सरकार के नए नियमों को दी चुनौती

WhatsApp added Delhi High Court, challenged the new rules of the government

नयी पॉलिसी से यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में


विशेष संवाददाता


नयी दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से सरकार और सोशल मीडिया कंपनियों के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। ऐसा सरकार के नए नियमों को लेकर हो रहा है। सोशल मीडिया कंपनियों का कहना है कि इससे सरकार का नियंत्रण और दखल सोशल मीडिया कंपनियों में बढ़ जाएगा। वहीं सरकार के नए नियमों को लेकर WhatsApp दिल्ली हाईकोर्ट चली गयी है। WhatsApp ने याचिका दायर कर सरकार की ओर से लाए गए नए आईटी नियमों को चुनौती दी है। WhatsApp का कहना है कि सरकार की नयी पॉलिसी से यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में पड़ जाएगी।
कंपनी के मुताबिक सरकार चाहती है कि WhatsApp इस तरह की सुविधा लाए, जिसके तहत किसी खास मैसेज को ट्रैक किया जा सके। ऐसा होने से यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में आ जाएगी। खास बात है कि इससे पहले सरकार कह रही थी कि WhatsApp की नई पॉलिसी से यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में पड़ेगी।

कंटेंट पर बढ़ जाएगी सरकारों की निगरानी’

एक्टिविस्टों का कहना है कि सरकार के ये नियम सोशल मीडिया के खिलाफ एक हथियार’ की तरह काम करेंगे। सरकार किसी भी कंटेटे पर सोशल मीडिया कंपनियों को 36 घंटे के भीतर हटाने के लिए कह सकती हैं। सोशल मीडिया कंपनियां यदि ऐसा नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू भी की जा सकती है। ऐसे में इन नियमों से ‘एंड टू एंड इंक्रिप्शन’ को भी खतरा बना रहेगा क्योंकि सरकार के कहने पर सोशल मीडिया पर सामग्री को पहली बार पोस्ट करने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी देना होगा जरूरी होगा। ‘इंटरनेट फाउंडेशन’ का कहना है कि इन नए नियमों से समस्या का समाधान नहीं होगा बल्कि इससे ‘नुकसान’ होगा।

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वहीं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक ने मंगलवार को कहा कि ऑनलाइन कंटेंट को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लाए गए सरकार के नए नियमों का ‘पालन करने की वह सोच’ रहा है। फेसबुक का यह जवाब ऐसे समय आया है जब नियमों एवं गाइडलाइन का पालन करने के लिए सरकार की ओर से दी गई तीन महीनों की समय सीमा आज समाप्त हो रही है। फेसबुक के एक प्रवक्ता ने अपने बयान में कहा, ‘हम आईटी विभाग के नियमों एवं प्रावधानों को लागू करने के बारे में सोच रहे हैं। साथ ही हम कुछ बिंदुओं पर हम सरकार के साथ चर्चा जारी रखेंगे क्योंकि इस पर अभी और बातचीत करने की जरूरत है।’वहीं दूसरी ओर ट्विटर ने भी सरकार से कुछ वक्त मांगा है। बता दें कि नए नियमो को लेकर KOO ऐप को छोड़कर सभी नेटवर्किंग साइट पर बैन होने का खतरा मंडराने लगा, क्योंकि उन्होंने सरकार के नए नियमों का पालन अभी तक नहीं किया है।

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