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UP में बढ़ने लगा कोरोना का कहर, मंडराने लगा LOCKDOWN का बड़ा खतरा

सूबे के एक बड़े अफसर का इशारा- ज्यादा बढ़ा संक्रमण तो बन सकते हैं पुराने हालातत

जुलाई 2020 में जितने मरीज थे, उतनी संख्या अब एक अप्रैल को पार।

राजधानी लखनऊ के साथ-साथ कानपुर में भी फूटा कोरोना बम

झांसी के जिला कारागार में मिले सात को छोड़ सभी कैदी कोरोना संक्रमित, हड़कम्प


कुलदीप मिश्र


लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के उत्तर विधायक डॉ. नीरज बोरा पूरे परिवार सहित कोरोना पॉजिटिव हुए। राज्य मान्यता समिति के चुनाव के बाद अधिकांश पत्रकार कोरोना पॉजिटिव हुए तो एक वरिष्ठ पत्रकार की जान भी चली गई। इसके अलावा स्वास्थ्य भवन, लखनऊ यूनिवर्सिटी, जल निगम (सीएनडीएस), माध्यमिक शिक्षा निदेशालय समेत कई दफ्तरों में कोरोना संक्रमित मिले। लगातार बढ़ रही संख्या से आजिज सरकार ने कक्षा एक से आठ तक के विद्यालय को 11 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया है। सरकार में तैनात एक बड़े अफसर कहते हैं कि यूपी में हालात लगातार बेकाबू होते जा रहे हैं, इस पर सरकार लगातार विचार कर रही है। स्थिति नहीं संभली तो अंतिम विकल्प लॉकडाउन ही होगा। यूपी की राजधानी लखनऊ में कोरोना संक्रमण अनियंत्रित होता जा रहा है। गुरुवार को 24 घंटे में 307 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। साथ ही महानगर में कोरोना मरीजों की संख्या 5125 तक पहुंच गयी है। इन मरीजों में से 3196 एक्टिव केस हैं।

अब राजधानी लखनऊ में प्रदेश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हो गये हैं। इसके अलावा संक्रमण के कुल मामलों में राज्य में लखनऊ पहले नंबर पर आ गया है।बताते चलें कि राजधानी लखनऊ समेत आसपास के इलाके में कोरोना का कहर काफी तेजी से बढ़ रहा है। कल लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एके शर्मा की मौत हो गई थी, जबकि सात प्रोफेसर एक साथ कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इसके पहले कोरोना संक्रमण से वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद श्रीवास्तव की मौत हो चुकी है। रोज-रोज किसी न किसी दफ्तर में कोरोना संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। कल गुरुवार को 2600 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। मात्र 24 घंटे में मरीजों की संख्या दोगुनी से अधिक हो गई।

इसके पहले बुधवार को 1230 नए मरीज मिले थे। वहीं 67 हजार नमूनों की ही जांच हुई थी। जबकि 24 घंटे बाद 124135 नमूनों की जांच की गई है। प्रदेश में अब एक्टिव मरीजों की संख्या बढक़र 11918 हो गई है। नौ संक्रमित मरीजों की मौत भी हुई है। बात राजधानी लखनऊ की करें तो यहां कोरोना संक्रमण बेकाबू हो गया है। सूबे में बृहस्पतिवार को मिले 2600 मरीजों में से सबसे अधिक 935 मरीज राजधानी लखनऊ में मिले हैं। जबकि प्रयागराज में 242, वाराणसी में 198, कानपुर नगर में 103, गौतम बुद्ध नगर में 93, मेरठ में 68, बाराबंकी में 63, गोरखपुर में 61, रायबरेली में 56, झांसी में 45 मरीज मिले हैं।

कानपुर में भी जारी है कोरोना का कहर

पूरे प्रदेश में बीते 24 घंटे में 36 कोरोना मरीजों की मौत हो गई। प्रदेश में अब तक 1298 लोग कोरोना महामारी की चपेट में आने से अपनी जान गंवा चुके हैं। दूसरी तरफ लखनऊ से 90 किलोमीटर दूर प्रदेश की आर्थिक राजधानी कानपुर में भी कोरोना भयावह रूप लेता जा रहा है। यहां बीते 24 घंटे में 235 संक्रमण के मामले सामने आये हैं। इसके अलावा इस महामारी से 24 घंटे में सात मरीजों की मौत हो गई। जिले में मौत का आंकड़ा 156 तक पहुंच गया है, वहीं, एक्टिव मामले 1507 हैं। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि सूबे में अब तक 619783 लोग कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं। कुल 599045 लोग संक्रमण मुक्त होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। अब तक 8820 मरीजों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में एक्टिव 11918 मरीजों में से 6722 होम आइसोलेशन में हैं। जबकि 287 मरीज निजी चिकित्सालयों में अपना इलाज करा रहे हैं। 510 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है।

जुलाई 2020 जैसे हालात

यूपी में कोरोना संक्रमण वर्ष 2020 जैसी स्थितियों में पहुंच रहा है। बृहस्पतिवार को एक दिन में मिले मरीजों की संख्या और एक्टिव मरीजों की संख्या जुलाई 2020 की तरह हो गई है। प्रदेश में 11 जुलाई 2020 को 11490 एक्टिव मरीज थे। यह स्थिति अब पहली अप्रैल 2021 को हो गई है। वहीं एक दिन में 2500 से अधिक मरीज 21 जुलाई को मिले थे। इस बार एक अप्रैल को 2600 मरीज मिले हैं।

जिला कारागार झांसी में फूटा कोरोना बम

जिला कारागार झांसी में गुरुवार को कोरोना संक्रमण का विस्फोट हुआ। यहां 120 कैदी संक्रमित पाये गये तथा सात अन्य कैदियों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। इतनी बड़ी संख्या संक्रमित मरीज मिलने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसकी जानकारी मिलते ही लखनऊ से डीआईजी जेल वेद प्रकाश त्रिपाठी ने झांसी पहुंच कर जेल का निरीक्षण किया। जेल के पूरे परिसर को अंदर और बाहर से सेनेटाइज किया गया। जेल के अंदर ही कई कैदियों की जांच भी की जा रही है, जबकि संक्रमितों को कोविड अस्पताल शिफ्ट किया गया है।

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