Religion

विनाश का है कारण होता है घमंड

महुली कस्बा के हनुमान गढ़ी मंदिर परिसर मे चल रहे सिद्धिविनायक गणेश महायज्ञ में रविवार को

संतकबीरनगर। हमें कभी भी धनवान होने का घमंड नहीं करना चाहिए। घमंड विनाश का कारण होता है। उक्त बातें सोमवार को नाथनगर ब्लाक के कस्बा महुली में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमय प्रवचन कथा में वृन्दावन धाम से पधारे अजय कृष्ण शास्त्री महाराज ने कही। वामन अवतार की कथा सुनाते हुए कहे कि वामन भगवान विष्णु के पांचवे तथा त्रेता युग के पहले अवतार थे। इसके साथ ही यह विष्णु के पहले ऐसे अवतार थे जो मानव रूप में बौने ब्राह्मण के रूप में प्रकट हुए। इनको दक्षिण भारत में उपेन्द्र के नाम से भी जाना जाता है।

कथा को आगे बढ़ाते हुए कथा ब्यास ने कहा कि राजा बली बड़े पराक्रमी और दानी थे। भगवान के वे बड़े भक्त भी थे। लेकिन उन्हें बहुत ही घमंड था। तब भगवान के मन में राजा बली की परीक्षा लेने की सूझी, और वह वामन अवतार लेकर उसके यज्ञ में पहुंच गए। जैसे ही वे राजा बली के यज्ञ स्थल पर गए, वे उनसे बहुत प्रभावित हुए, और भगवान के आकर्षक रूप को देखते हुए उन्हें उचित स्थान दिया। अंत में जब दान की बारी आई, तो राजा बली ने भगवान के वामन अवतार से दान मानगने के लिए कहा, तब उन्होंने राजा बली से राज्य में तीन पग जमीन मांग ली।

तब राजा बली मुस्कुराए और बोले तीन पग जमीन तो बहुत छोटा-सा दान है। महाराज और कोई बड़ा दान मांग लीजिए, पर भगवान के वामन अवतार ने उनसे तीन पग जमीन ही मांगी। तब राजा बली ने संकल्प के साथ उन्हें तीन पग जमीन दान में देने की घोषणा की। इसके बाद भगवान दो पग में राजा बली के पूरे राज्य को नाप दिया, लेकिन तीसरे पग के लिए राजा बली के पास देने के लिए कुछ भी नहीं था। तब भगवान ने बली से पूछा कि अपना तीसरा पग कहां रखूं ? तब राजा बली ने महादानी होने का परिचय देते हुए तीसरे पग के सामने अपने आपको समर्पित कर दिया।

कथा ब्यास ने कहा कि मानव के अंदर जब अभियान जन्म ले ले तो समझो उसके नाश का समय आ गया है। उस स्थिति में भक्ति ही एक ऐसा मार्ग है, जिस पर चलकर इससे मुक्ति पा सकता है। इस अवसर पर महंत बाबा गौतम दास, पंडित वाचस्पति द्विवेदी, ओंमकार मद्धेशिया, पिन्टू गुप्ता, योगेन्द्र मिश्र, छब्बूलाल जयसवाल, दिलीप यादव, अजय भंडारी, चंद्रभूषण दास, राम जियावन द्विवेदी आदि मौजूद रहे।

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