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जिला महिला अस्पताल परिसर में अधजन्मी बच्ची का शव मिलने से मचा हड़कंप

  • अबॉर्शन के दौरान इस बच्ची को यहां पर फेंका गया होगा
  • कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति ही की जाती है

बांदा। सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ के द्वारा प्रदेश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे के साथ देश की बेटियों को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा की बात कही जाती है। बांदा की इस घटना को देखकर यह आकलन किया जा सकता है। कि यहां पर बेटियां मां की कोख में भी सुरक्षित नहीं है। मां जिसे देवी का दर्जा दिया जाता है।और जब वही मां अपनी कोख में पलने वाली बच्ची की हत्या की जाए तो इसे क्या कहेंगे इसका अंदाजा आप खुद ही लगा सकते हैं।

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जिला महिला अस्पताल परिसर में बच्ची के मिलने से स्थानीय लोगों के द्वारा यह अंदाजा लगाया जा रहा है। कि जिला महिला अस्पताल मैं अबॉर्शन के दौरान इस बच्ची को यहां पर फेंकने का काम किया गया है। जबकि अबॉर्शन कराना एक कानूनी अपराध है। जिसको लेकर सजा का भी प्रावधान रखा गया है। लेकिन उसके बावजूद भी जिला महिला अस्पताल परिसर में इस अध जन्मी बच्ची का शव मिलना इसी बात का संकेत दे रहा है।

बांदा जनपद के जिला महिला अस्पताल परिसर
बांदा जनपद के जिला महिला अस्पताल परिसर

मामला बांदा जनपद के जिला महिला अस्पताल परिसर का है। जहां पर आज एक बच्ची नाली में मृत अवस्था में पाई गई है। जिला अस्पताल परिसर में घूम रहे लोगों की नजर जब उस नाली में पड़ी मृतक बच्ची पर पड़ी तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने तत्काल अस्पताल में काम करने वाले स्वीपर को बुलाकर उस बच्ची को नाली से बाहर निकाल कर रखवाया।

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इस विषय में जब उस स्वीपर से बात की गई तो उसने बताया कि कुछ लोगों के द्वारा यहां पर नाली में पड़ी बच्ची को देखा गया था। फिर उन्होंने मुझे बुलाया तो मैंने जाकर देखा तो वहां पर एक बच्ची पड़ी हुई थी। उसे नाली से निकाल कर बाहर रखा उस बच्ची को देखकर यह अंदाजा लगाया जा रहा है। कि कहीं ना कहीं वह बच्ची 3 से 4 माह की होगी। जिला अस्पताल परिसर में यह मामला कोई नया नहीं है। इसके पहले भी कई ऐसे मामले आ चुके हैं। जिनमें बच्चों के रहस्यमय तरीके से मिलने का मामला सामने आता रहता है। इसमें आला अधिकारियों के द्वारा कार्यवाही के नाम पर केवल खानापूर्ति ही की जाती है। लिहाजा आज के मामले को लेकर जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार शर्मा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आप लोगों के द्वारा यह मामला संज्ञान में आया है। यदि यह मामला सही हुआ तो मेरे द्वारा संबंधित स्वास्थ्य कर्मचारियों पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने का काम किया जाएगा।

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