राष्ट्रीय

कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल के 72 आरएमपी पदों के चयन अभी तक पूर्ण नहीं, आखिर क्यों

ASRB और ICAR में उच्च स्तर के अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त

भ्रष्टाचार के खिलाफ नई दिल्ली के भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय पशु-चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के प्रति लोग निरंतर आवाज उठाते आ रहा है। आपको बता दें कि 72 आरएमपी पदों के चयन हेतु एक विज्ञापन संख्या 01/2019 निकला था, जिसकी चयन प्रक्रिया अभी तक पूर्ण नहीं की गई है। ASRB द्वारा स्वयं ही सरकारी नियम का उल्लंघन कर रहा है। क्योंकि संपूर्ण चयन प्रक्रिया छह माह में पूरी की जानी चाहिए थी..

नई दिल्ली। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के अंतर्गत एक राष्ट्रीय स्तर के संस्थान, भारतीय पशु-चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्ज़तनगर में 35 वर्षों से अधिक समय तक सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुआ हैl जिसके बाद से वह संस्थान, परिषद व चयन मंडल में किए जा रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ निरंतर आवाज उठाता आ रहा हैl आपकी सरकार का भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति से प्रभावित हो कर पत्र लिख रहा हूं। गतवर्ष अगस्त-सितम्बर में कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, नई दिल्ली ने भा.कृ.अनु.प. में 72 आरएमपी पदों के चयन हेतु एक विज्ञापन संख्या 01/2019 निकला था, जिसकी चयन प्रक्रिया अभी तक पूर्ण नहीं की गई हैl

इस प्रकार ASRB द्वारा स्वयम ही सरकारी नियम का स्पष्ट उल्लंघन किया जा रहा है, क्योंकि संपूर्ण चयन प्रक्रिया छह माह में पूरी की जानी चाहिए थीl इस चयन में ऐसे उम्मीदवार भी बुलाए गए जिनके विरुद्ध सतर्कता विभाग की जांच चल रही हैl इसी प्रकार जिनके विरूद्ध करोड़ों रुपए के घोटाले के आरोप हैं, या भ्रष्टाचार के आरोपों में जेल जा चुके हैं, उनको भी विशेषज्ञों के रुप में बुलाया गया हैl हद तो यह है कि एक ऐसे विशेषज्ञ को भी बुलाया गया है जो आईवीआरआई, इज्जतनगर व पीडीएफएमडी के निदेशक के पद से अभी मात्र पांच माह पूर्व ही सेवानिवृत्त हुए हैंl इस प्रकार उनको बिना दो वर्ष का कूलिंग पीरियड खत्म हुए ही पीडीएफएमडी के निदेशक के चयन हेतु विशेषज्ञ के रुप में बुला लिया गयाl

इससे भी ज्यादा गंभीर बात यह है कि इस साक्षात्कार में वह उम्मीदवार भी उपस्थित हुआ जिसके और इन विशेषज्ञ के विरुद्ध संयुक्त रूप से सतर्कता जांच की जा रही है, और यह जांच भी विजिलेंस के आदेश पर आईसीएआर के एक सहायक महानिदेशक डॉ अमरीश कुमार त्यागी द्वारा की जा रही है l इसके अलावा एक गंभीर बात यह भी है कि बहुत से उम्मीदवारों ने एक से अधिक पदों पर आवेदन किया जिसके लिए एक ही प्रकार के आवेदन दिए गए परंतु उन उम्मीदवारों के आवेदन समान होते हुए भी उन्हें विभिन्न पदों हेतु अलग-अलग अंक प्राप्त हुएl  अलग-अलग पदों के लिए दिए गए साक्षात्कार में तो उम्मीदवारों के नंबर भिन्न-भिन्न हो सकते हैं, परंतु आवेदन पत्र में अंकों में विभिन्नता असंभव हैl भ्रष्टाचार का इससे बेहतर उदाहरण नहीं हो सकताl  सीबीआई या किसी अन्य निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराने पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा l  इस सम्बन्ध में कुछ उदाहरण आपकी सूचनार्थ प्रस्तुत हैं:

  1. ASRB द्वारा भारत सरकार के DoPT के OM No. F. No. Misc-14017/15/2015-Estt. (RR) Government of India Ministry of Personnel, P.G. & Pensions Department of Personnel & Training, North Block, New Delhi, dated 11.01.2016, का उल्लंघन किया गया l
  2. ASRB के एनिमल साइंस के सदस्य डॉ ए.के. श्रीवास्तव ने अपने NDRI के कार्यकाल में भ्रष्ट तरीके से अपने चहेते चिरंजी लाल, सहायक को एक ही दिन में परीक्षा दिला कर, उसी दिन परिणाम निकाल कर और उसी दिन AAO के पद पर ज्वाइन कराया l असंभव को सम्भव करना कोई उनसे सीखे l हालांकि न्यायलय ने इस चयन को निरस्त करवा दिया l
  3. उम्मीदवार जिसके विरूद्ध विजिलेंस जांच जारी है और कई पदों में चयन हेतु साक्षात्कार के लिए बुलाया गया है वह हैं डॉ अशोक कुमार तिवारी, प्रधान वैज्ञानिक व विभागाध्यक्ष, मानकीकरण विभाग, आईवीआरआई, बरेली l सुना है कि इनको एक संस्थान के निदेशक के पद पर चयनित कर लिया गया है l
  4. डॉ आर.एन. श्रीनिवास गौड़ा को उपमहानिदेशक (पशु विज्ञान) के चयन हेतु साक्षात्कार में विषय विशेषज्ञ के रूप में बुलाया गया l गौडा जी को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते जेल की सजा हुई थी (The State Of Karnataka vs Dr C. Renuka Prasad on 2 April, 2019 Spl.C.410/2016) l उनके द्वारा चयनित उम्मीदवार डॉ त्रिपाठी के बागपत के कार्यकाल के दौरान उनके विरुद्ध महिला उत्पीड़न व् वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे थे l निश्चित ही भ्रष्ट चयनकर्ता कभी भी सही चयन कर ही नहीं सकता l
  5. डॉक्टर आर.के. सिंह, पूर्व निदेशक, आईवीआरआई व् PDFMD को पीडीएफएमबी के निदेशक के चयन हेतु विशेषज्ञ के रुप में बुलाया गया l डॉक्टर सिंह के विरुद्ध करोड़ों रुपए की गड़बड़ी की जांच चल रही है l इस साक्षात्कार डॉ अशोक कुमार तिवारी भी उम्मीदवार थे, जोकि उनके सह-आरोपी भी हैं l डॉ आर.के. सिंह को सेवानिवृत्त हुए अभी मात्र लगभग 6 महीने ही हुए हैं, तब भी उनके 2 वर्ष समाप्त होने से पूर्व ही साक्षात्कार में उनको विशेषज्ञ के रूप में बुलाया जाना निश्चित ही कोई गहरी साजिश है l
  6. डॉ अरुण कुमार तोमर, प्रधान वैज्ञानिक, CSWRI, राजस्थान एक ऐसे उम्मीदवार हैं जिन्होंने अनेकों पदों पर आवेदन किया था परंतु उनको अलग-अलग अंक मिले हैं l सुना गया है कि उनका चयन पूर्वनियोजित था l जांच में ऐसे कई उम्मीदवार पकडे जा सकते हैं l
  7. ICAR में करप्शन कोई नई बात नहीं है पूर्व में DG डॉ मंगला राय ने अपने बेटे मयंक राय, बहू ऋचा त्यागी को ICAR/ CAU में भर्ती कराने के लिए भर्ती के नियमों में ही भारी फेरबदल कर दिया था l उन्ही के निकट सहयोगी निदेशक डॉ नागेंद्र शर्मा ने भी भ्रष्ट तरीके से अपने बेटे, संजय तथा बेटी डॉ दिव्या को भी येन केन प्रकरण ICAR में घुसा दिया l इसी प्रकार डॉ बी पटनायक, पूर्व निदेशक, PDFMD, जिनके भ्रस्टाचार के विरुद्ध दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में गंभीर धाराओं में केस चल रहा है, उनको IVRI जैसे प्रतिष्ठित संस्थान की अनुसन्धान सलाहकार समिति का सदस्य नियुक्त कर दिया गया है l

आपको बता दें कि ऊपर दिए गए चन्द उदाहरण इस बात के प्रतीक हैं कि ASRB और ICAR में उच्च स्तर पर कुछ अधिकारी पूरी तरह से भ्रष्टाचार में लिप्त हैं जिस कारण न केवल आपके मंत्रालय व् सरकार की छवि धूमिल हो रही है बल्कि अनुसंधान संस्थानों के शीर्ष पदों पर अयोग्य व् भ्रस्ताचारी व्यक्तियों का चयन किया जा रहा है l भ्रष्ट तरीके से चयनित व्यक्ति के कारण परिषद और देश को गंभीर नुकसान होने की प्रबल संभावना है l

RMP पदों पर किया गया चयन अगले 5 सालों के लिए होता है तो देश को इन अयोग्य और भ्रष्टाचारियों को तभी तक यह भुगतना पड़ेगा l उपरोक्त बिंदु तो मात्र कुछ ही उदहारण हैंl सघन, गहन तथा निष्पक्ष जांच से बहुत से अन्य घोटाले भी खुल जायेंगे इसलिए यह विज्ञापन संख्या 01/2019 में ज्ञापित पदों पर किए जा रहे इंटरव्यू को तुरंत निरस्त करें। जिसे सभी आवेदनों, इंटरव्यू व् चयनों की सघन जांच करवाने की भी कृपा करें ताकि शीर्ष पदों पर काबिल, होशियार, अनुभवी, ईमानदार, साफ़-सुथरी छवि के उम्मीदवारों का चयन हो सके और वे राष्ट्र के विकास में अपना भरपूर सहयोग दे सकेंl इस पूरे विवरण को नीचे दिए गए नामों के ई-मेल पर भेजी हई है जो इस प्रकार है-

  • कैबिनेट सचिव, भारत सरकार
  • गिरिराज सिंह, केन्द्रीय मंत्री, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री, भारत सरकार
  • कैलाश चौधरी, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री, भारत सरकार
  • मुकेश बंसल, निजी सचिव, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री
  • सचिव, केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार
  • सचिव, मत्स्यपालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार
  • सचिव, कृषि अनुसन्धान एवं शिक्षा विभाग व् महानिदेशक, भा.कृ.अनु.प., नई दिल्ली
  • अध्यक्ष, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, नई दिल्ली
  • सचिव, भा.कृ.अनु.प., नई दिल्ली
  • सचिव, कृषि वैज्ञानिक चयन मंडल, नई दिल्ली
  • सचिव, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DOPT), नई दिल्ली
  • डॉ बी एन त्रिपाठी, उपमहानिदेशक (पशु विज्ञान), भा.कृ.अनु.प., नई दिल्ली
  • शालीन अग्रवाल, निदेशक, कृ.अनु.एवंशि.वि. व् मुख्य सतर्कता अधिकारी, भा.कृ.अनु.प., नई दिल्ली
  • एम.के. जैन, निदेशक (कार्मिक), भा.कृ.अनु.प., नई दिल्ली

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