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गीता तिवारी गोरखपुर की पहली महिला गैंगेस्टर, संवासिनी गृह से जरायम की दुनिया की सरगना

गोरखपुर । गीता तिवारी गोरखपुर की पहली महिला गैंगेस्टर और हिस्ट्रीशीटर बन गई है। कभी संवासिनी गृह में अनाथ के रूप में लाई गई गीता तिवारी आज जरायम की दुनिया की सरगना बन गई है। उसके अच्छे चालचलन और व्यवहार से प्रभावित गोरखपुर के एक डीएम ने उसकी शादी करा दी थी ताकि वह बेहतर जिंदगी बसर कर सके। मगर उसने जल्दी ही शराफत का चोला उतार फेंका और अपराधियों की हमसफर बन गई।

एंट्री आरकेस्ट्रा से हुई। पति समाजसेवी का चोला ओढ़कर नशीले पदार्थ का कारोबार करता था।पत्नी आरकेस्ट्रा से मनोरंजन का धंधा करती थी। शादी के कुछ साल बाद जब उसकी मौत हो गई तो गीता उसके धंधे की न केवल उत्तराधिकारी बनी बल्कि उससे भी चार कदम आगे बढ़कर अपराधियों का गैंग बना लिया। एक से एक छंटे अपराधी और हिस्ट्रीशिटर उसके संपर्क में आ गए। उसके काले कारनामे का भांडा फूटा उसकी पोती की बर्थडे पार्टी में। एक से एक छंटे अपराधी इस बर्थडे पार्टी के मेहमान बने। शराब का दौर शुरू होने के बाद कुछ इस तरह उनका सुरूर चढ़ा की फायरिंग होने लगी।

दो लोगों को गोली लगी। इस शातिर महिला ने उसकी सूचना पुलिस को न देकर पहले प्रइवेट अस्पताल में उनका इलाज कराना चाहा मगर जब बात नहीं बनी तो उन्हें मेडिकल कॉलेज ले गई। उसके दो साथी उन्हें वहां छोड़कर चुपके से खिसक लिए। पुलिस को जब मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने गन शॉट वाले दो लोगों की सूचना दी तो पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी और गीता को जल्द ही गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

गीता के शातिराना कारनामों के बाद तिवारीपुर पुलिस ने अपने थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट खोल दी है। गीता तिवारी अपने साथियों के साथ हत्या के प्रयास के आरोप में वर्तमान में जेल में हैं। उसके सादी गोरखपुर जेल में हैं तो वहीं गीता को पिछले दिनों देवरिया जेल में शिफ्ट किया गया है। अपनी नतिनी की जन्मदिन पार्टी में गीता ने बदमाशों का जुटान किया था। आधी रात को डांस के दौरान उसके साथियों ने फायरिंग की थी जिसमें दो युवकों को गोली लग गई थी उसके बाद ही पुलिस ने गीता और उसके साथियों को गिरफ्तार किया था।

गीता तिवारी पर कोतवाली, गोरखनाथ, तिवारीपुर थाने में 2019 से अबतक छह केस दर्ज हैं। वह गैगेस्टर के आरोप में जेल गई थी। जमानत हो गई थी। फिर उसके खिलाफ एनबीडब्लू जारी हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजवाया था। 20 अक्तूबर को वह जमानत पर बाहर आई थी। जमानत पर बाहर आने के बाद गीता की पुलिस निगरानी कर रही थी। उसे थाने बुलाया भी गया था। लेकिन उसने बारावाफात त्योहार का फायदा उठाकर जन्मदिन के बहाने अपराधियों की घर पर जुटान की थी, जिसकी प‌ुलिस को भनक तक नहीं थी।

शिव कुमार से डीएम ने कराई थी गीता की शादी

हिंदुस्तान के मुताबिक गीता तिवारी की जिंदगी काफी उलझी हुई है। वह संवासिनी गृह में रहती थी। शिवकुमार तिवारी नामक युवक से तत्कालीन डीएम ने उसकी शादी कराई थी। शिवकुमार भी लावारिस था। वह कहां से आया था इसकी किसी को जानकारी नहीं है। राजाघाट इलाके में वह किराए का कमरा लेकर रहता और समाजसेवा करता था। समाज सेवा के जरिये ही वह तत्कालीन डीएम के सम्पर्क में आया था।

उसकी शादी गीता से हो गई। शिवकुमार से शादी के बाद दोनों कोतवाली इलाके में किराये पर कमरा लेकर रहने लगे। गीता आर्केस्ट्रा का संचालन करने लगी थी। शिवकुमार समाज सेवा की आड़ स्मैक की तस्करी करने लगा। करीब दस साल पहले गीता के घर पर छापा पड़ा तो पांच अपराधी पकड़े गए। इस मामले में पहली बार गीता जेल गई थी। चार साल पहले जब शिव कुमार की मौत हो गई तब गीता ने उसका सारा धंधा संभाल लिया।

तिवारीपुर के सूर्यविहार कॉलोनी निवासी गैंगेस्टर गीता तिवारी और उसकी बेटी का आमने सामने घर है। गीता तिवारी के बेटी की बेटी (नतिनी) का जन्मदिन था। गीता ने जन्मदिन की पार्टी में कई बदमाशों को दावत दी थी। इस पार्टी में खास तौर पर जस्सू जायसवाल, सिरिन्स सोनकर, अश्वनी उर्फ रॉकी, छोटू कुरैशी के अलावा नितीश सिंह व मोहम्मद आमिर भी शामिल हुए थे। इस दौरान मोहम्मद आमिर व नितीश को गोली मार दी गई थी।

गीता ने इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी और जस्सू के साथ मिलकर घायलों को पहले एक प्राइवेट अस्पताल ले गई। वहां भर्ती न करने पर ये लोग घायलों को मेडिकल कॉलेज ले गए। जहां से गुलरिहा पुलिस को सूचना मिली की दो लोग गोली से घायल हो गए हैं। पुलिस के अनुसार दोनों को भर्ती कराकर आरोपित फरार हो गए। बाद में पुलिस ने नितीश के पिता की तहरीर पर केस दर्ज किया था। गीता तिवारी की हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद अब वह निगरानी के दायरे में आ जाएगी। तिवारीपुर पुलिस गीता तिवारी की हमेशा निगरानी करेगी।

गीता के साथियों पर भी हैं कई केस

गीता के साथी जस्सू जायसवाल पर 2012 से अबतक शाहपुर, कैंट, अंबेडकरनगर के टांडा, तिवारीपुर थाने में हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगेस्टर, सेवन सीएलए के आरोप में 12 केस दर्ज हैं। जस्सू के ऊपर तीन बार गैंगेस्टर की कार्रवाई हुई। वहीं एक अन्य साथी सिरिंस के खिलाफ 2013 से अबतक लूट, हत्या, गैंगेस्टर के आरोप में कैंट व तिवारीपुर इलाके में छह केस दर्ज हैं। उसने एक बार बाल बिहार पर फायरिंग कर हत्या की थी। बलदेव प्लाजा में फायरिंग की लूट की घटना को अंजाम दिया था। वहीं छोटू कुरैशी पर कोतवाली व तिवारीपुर थाने में दो केस दर्ज है। इसी प्रकार अश्वनी उर्फ राकी पर गोरखनाथ व तिवारीपुर में हत्या समेत अन्य आरोप में तीन केस दर्ज हैं।

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