राज्य

उत्पादक संगठनों से किसानों को लाभ

डॉ दिलीप अग्निहोत्री

राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल को कृषि के संबन्ध में भी बेहतर जानकारी है। इसके आधार पर उन्होंने गुजरात ने अनेक उल्लेखनीय कार्य किये थे। उन्होंने कहा भी है। कि मैं भी किसान की बेटी हूं, किसानी समझती हूं। किसान उन्नत तकनीक का इस्तेमाल करते हुए अच्छी खेती कर आत्मनिर्भर बनें। उत्पादन संगठन बनने से किसानों को और लाभ होगा।

भारत के प्रधानमंत्री ने किसानों की आय दोगुनी करने का संकल्प लिया है। इसके लिए वैज्ञानिक तरीके से खेती कर उत्पादन बढ़ाना होगा। किसानों को अच्छे बीज, सिंचाई के लिए पानी, अच्छी व्यवस्था मिलनी चाहिए। राज्यपाल ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित स्वयं सहायता समूहों के क्रिया कलापों के बारे में जानकारी ली।

स्वावलम्बी बनें महिलाएं

राज्यपाल ने कहा कि ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़कर सशक्त एवं स्वावलंबी बने। महिलाएं सशक्त होंगी तभी भारत सशक्त होगा। इसके लिए महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनना होगा। महिलाओं को विभिन्न क्रियाकलापों से अपनी आय में वृद्धि करनी होगी। उन्होंने उपस्थित महिलाओं सलाह देते हुए कहा कि महिलाएं अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दें। संकल्प लें कि हमें गरीबी से बाहर निकलना है। इस अवसर पर उन्होंने अनावश्यक खर्च से बचने की सलाह देते हुए कहा कि विवाह आदि आयोजनों पर अनावश्यक खर्च से बचें। समाज में झूठी शान से बचे, पैसे का सही ढंग से उपयोग करें। जिससे आपका परिवार सुखी और खुशहाल होगा।

स्वस्थ्य व शिक्षा पर ध्यान

आनंदीबेन पटेल चंदौली का एक दिवसीय दौरा सम्पन्न हुआ। यहां वह अनेक कार्यक्रमों में सम्मलित हुई। उन्होंने क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत क्षय रोगियों की सहायता में जुटी स्वयं सेवी संस्थाओं क्षय रोगी के परिवारीजनों से राज्यपाल से मुलाकात की। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में उन्होंने कृषि विभाग की ओर से जिले में ब्लैक राइस उत्पादन सहित कृषि उत्पादक संगठन और प्रगतिशील किसानों एवं महिला स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद किया। राज्यपाल ने कहा कि क्षय रोग से ग्रसित लड़के लड़कियों में भेद न करें।

सभी का समुचित इलाज करें। उन्होंने कहा कि टीबी उन्मूलन के लिए प्रदेश सरकार द्वारा अभूतपूर्व अभियान शुरू किया गया है, जो अन्य राज्यों में अभी तक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र में भी तीन से छह साल के बच्चे आते हैं। हमें ऐसे बच्चों के पोषण एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों की तरह आंगनबाड़ी केंद्रों को भी विकसित किया जाए।

 

 

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