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सीएम का जिम्मेदारों द्वारा सीयूजी नम्बर खुद उठाए जाने का निर्देश, अधिकारियों के लिए गलफांस या आमजन के लिए वरदान

मनीष खेमका

लखनऊ। जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को अपने सरकारी मोबाइल (सीयूजी) नम्बर पर आने वाली हर कॉल खुद रिसीव करनी होगी। यह फरमान शुक्रवार यानी 20 नवम्बर को सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ ने फरियादियों के हक में सुनाया। मुख्यमंत्री का आम जनता से जुड़ा यह सब से बेहतरीन फ़ैसला माना जा रहा है। पहली नज़र में यह आदेश अव्यवहारिक और अफ़सरों के लिए झुँझलाहट से भरा भी लग सकता है। लगेगा!, काम करें या दिन भर फ़ोन उठाते फिरें? लेकिन लोगों के हित की ओर देखें तो यह फैसला अपनेआप ही सभी अफसरों पर नकेल कसे रहने के ​लिए जबरदस्त है। यह दर्द का ट्रांसफ़रीकरण है। जो बांटने से ही कम होगा।

कैसे कारगर साबित हो है सीएम का यह फैसला

ग़ौरतलब है कि पूरे देश में तीन ही प्रमुख पद होते हैं DM CM और PM। जिनमें से CM और PM से संपर्क में आना आमजन के लिए इतना आसान नहीं है। लिहाजा आम जन के लिए तो DM-SP ही भगवान हैं। यहाँ भी सुनवाई न हो तो कहाँ जाएं? मद्देनजर यह फ़ैसला दुखी फरियादियों के पक्ष में दबाव तो क्रिएट करेगा ही। ऊंचे पद पर आसीन अधिकारी जब जनता के ज़्यादा फोन कॉल से दुखी होंगे तो वे अपने मातहत कर्मचारियों को भी कसेंगे। फलत: मामलों के हल अब जल्द होने की उम्मीदें लगायी जा सकेंगी।

मानवीय जिम्मेदारों की लिस्ट में बढ़ जाएंगे कई नए नाम

ऐसा नहीं है कि आम जनमानस से जुड़े मामलों में सभी जिम्मेदार अधिकारी लापरवाही ही बरतते हैं। कई महत्वपूर्ण मंत्री व जनता के प्रति सहृदय अधिकारी व्यस्तता के बावजूद अधिकाधिक फ़ोन खुद रिसीव करते हैं।जनसेवा में लगे ऐसे ही कर्मठ मानवीय नेताओं में दिवंगत नेता लालजी टंडन समेत केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम डॉ दिनेश शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित, कैबिनेट मंत्री सतीश माहाना, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह व कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल जैसे ढेरों नेता सामने नजर आते हैं।

वहीं दूसरी ओर अधिकारियों की बात करें तो लखनऊ के अधिकारियों में वर्तमान कमिश्नर रंजन कुमार, डीएम अभिषेक प्रकाश, पूर्व कमिश्नर महेश गुप्ता, भुवनेश कुमार, अनिल गर्ग व डीएम कौशल राज शर्मा का फ़ोन व दफ़्तर भी फरियादियों के लिए खुला रहता था। उम्मीद है सीएम के ‘जिलाधिकारियों और पुलिस कप्तानों को अपने सरकारी मोबाइल (सीयूजी) नम्बर पर आने वाली हर कॉल खुद रिसीव करनी होगी’ जैसे निर्देश से अब ऐसे ही मानवीय जिम्मेदारों के और नाम सामने आएंगे।

क्या कहा था सीएम ने अपने बयान में

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी डीएम, एसपी और एसएसपी को निर्देश दिए हैं कि जन समस्याओं को पूरी गंभीरता से लें। उनके कार्यालय से कोई भी फरियादी निराश होकर न लौटे। डीएम और पुलिस कप्तान अपने सीयूजी नम्बर पर आने वाली हर फोन कॉल का जवाब जरूर दें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से अमल में लाना होगा। अगले एक सप्ताह में मुख्यमंत्री कार्यालय से औचक फोन कर अधिकारियों की कार्यशैली की हकीकत की पड़ताल की जाएगी। सीएम योगी ने गैर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के लिए उच्चाधिकारियों को भी निर्देशित किया है।

जन समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निदान के संबंध में जारी मुख्यमंत्री के ताजा आदेश में कहा गया है कि जिले में तैनात अधिकारी अपने कैम्प ऑफिस की अपेक्षा कार्यालय में अधिक से अधिक समय दें। कोई भी व्यक्ति जो अपनी समस्या लेकर आता है, उससे मर्यादित व्यवहार करें। उनकी समस्या को सुनें और स्थाई समाधान के लिए उचित कदम उठाएं।

सीएम योगी ने कहा है कि सरकार जनता के लिए है, ऐसे में जनता की सुविधा, उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता में है। जीरो टॉलरेंस की नीति के साथ अधिकारीगण अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। मुख्यमंत्री कार्यालय से डीएम, एसपी और एसएसपी की कार्यशैली की सतत निगरानी की जाएगी।

 

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