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‘Cut-Copy-Paste’  का तरीका देने वाले नहीं रहे, आइए जाने वह है कौन?

कट, कॉपी, पेस्ट यूजर इंटरफेस के इन्वेंटर लैरी टेस्लर का निधन हो गया है वो 74 साल के थे और उनका जन्म न्यू यॉर्क में हुआ था। उन्होंने स्टैनफोर्ड युनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की थी। 1973 में उन्होंने Xerox Palo Alto Research Center (PARC) ज्वाइन किया। यही से शुरू होती है कट, कॉपी और पेस्ट यूजर इंटरफेस की कहानी। ये एक कंप्यूटर साइंटिस्ट थे जिन्हें यूजर इंटरफेस को लेकर कई बड़े रिसर्च के लिए जाना जाता है। कट, कॉपी, पेस्ट ये एक ऐसा टर्म है जिसके बिना शायद ही आप कंप्यूटर या सोशल मीडिया पर जरूरी काम कर सकते हैं।

Xerox Palo Alto Research Center के लिए इमेज नतीजे

लैरी टेस्लर ने PARC में टिम मॉट के साथ मिल कर जिप्सी टेक्स्ट एडिटर तैयार किया। इसी जिप्सी टेक्स्ट एडिटर में उन्होंने टेक्स्ट को कॉपी और मूव करने के लिए मोडलेस मेथड तैयार किया। यहां से ही कट, कॉपी और पेस्ट टर्म का जन्म हुआ। वे अपने CV में लिखते हैं कि वो मोडलेस एडिटिंग और कट कॉपी पेस्ट के शुरुआती इन्वेंटर हैं।  हालांकि उन्होंने CV में ये भी लिखा था कि उन्हें गलती से फादर ऑफ ग्राफिकल यूजर इंटफेस फॉर मैकिनतॉश कहा गया, लेकिन वो नहीं हैं। PARC कंपनी नें लैरी काम करते थे उसे ही शुरुआती ग्राफिकल यूजर इंटरफेस और माउस नेविगेशन का क्रेडिट जाता है। वहीं, बात करे ऐपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स ने भी PARC के इस रिसर्च को ऐपल प्रोडक्ट्स को बेहतर करने के लिए इस्तेमाल किया था। बताया जाता है कि जब स्टीव जॉब्स Xerox आए थे तो उसी टीम में लैरी टेस्लर भी वहां मौजूद थे। इसके अवाला इन्होंने Amazon और Yahoo के साथ भी काम किया थे।

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