योगी जी अमीरों पर रहम और गरीबों पर सितम अखिर क्यों ?

  • BJP के सत्ता में आने के बाद कोटे की चीनी बंद हुई 
  •  गरीबों के इस्तेमाल का सबसे आवश्यक मिट्टी का तेल भी बंद करने की ठाने है शासन

  रिपाेर्ट- नरेंद्र लाल गुप्ता

गोंडा। शासन सत्ता के शीर्ष पर बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को समर्पित है, यह लेख जिसमें आपके द्वारा खाना बनाने के लिए उज्ज्वला योजना के तहत निशुल्क गैस देने तथा सौभाग्य योजना के तहत लोगों को निशुल्क बिजली देने की बात तो आपके द्वारा कह दिया गया किंतु क्या धरातल पर इन बातों का सत्यापन कराया कि सौभाग्य योजना के अंतर्गत कितने गांव में बिजली का कनेक्शन हुआ और वास्तविक रूप से कितने लोग लाभान्वित है उसी प्रकार उज्जवला योजना के तहत आपने एक बार तो लोगों को भरा हुआ सिलेंडर गैस चूल्हा दे दिया।

किंतु क्या कभी आपने यह भी सोचा है यह गरीब मजदूर कहां से लाएंगे प्रतिमाह ₹700 तभी अपना गैस सिलेंडर भरआएंगे क्योंकि आपको इस बात का ज्ञान होना चाहिए इनकी रोज की मजबूरी होती है मात्र ₹300 और उसमें इन्हें राशन से लेकर दवा इत्यादि का इंतजाम भी करना होता है उसी में से कुछ पैसे बचाकर यह 1 लीटर मिट्टी का तेल लाकर उसी से खाना बनवाता था तथा रात भर ढिबरी भी जलती थी किन्तु आपने तो मिट्टी के तेल को ही बंद करने की ठान ली है।

आपके इस कदम से प्रदेश की जनता में हा- हाकार मच जाएगा क्योंकि आपको शायद यह बात नहीं मालूम है कि आपके द्वारा दिया गया उज्ज्वला योजना का गैस सिलेंडर को मेहमानों के लिए चाय बनाने में इस्तेमाल करता है और फिर उसे किसी कपड़े से ढककर एक किनारे रख देता है उसके पास इतना पैसा नहीं बचता है कि वह प्रतिमाह सिलेंडर भरा सके और गरीब के घर तो खाना चूल्हे पर ही बनाया जाता है, और घर में रोशनी के लिए ढिबरी ही जलती नजर आएगी इसीलिए आने वाले समय के लिए आपको चाहिए कम से कम अगर 5 ली0 नहीं तो कम से कम 3 लीटर मिट्टी का तेल अवश्य ही मिल पाए ऐसी कोई व्यवस्था करें