वन टाइम इंवेस्टमेंट और अनलिमिटेड रिटर्न की तर्ज पर फल फूल रही अवैध पैथोलॉजी

  • रजिस्ट्रेशन तो डॉक्टर के नाम पर जांच करते अनट्रेंड टेक्नीशियन
  • पवित्र पेशे को बदनाम कर तथाकथित लोग
    नियम विरुद्ध चला रही पैथोलॉजी, जा मरीजो की जान, जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग

धीरज श्रीवास्तव

रायबरेली। आजकल हम अपनी बिमारी के ईलाज के लिये सर्वप्रथम उसकी जाचं करवाते है, और जांच के लिये सबसे पहले हम या तो झोलाछाप डाक्टरो के शरण में जाते है या फिर कोई छोटी मोटी क्लिनिक पर। लेकिन यह कदम उठाते समय हम यह भूल जाते है कि हम जिस बीमारी के निदान के लिए जांच के उद्देश्य को लेकर जिस डाक्टर या क्लिनिक की चौखट पर जाते है वो विश्वसनीय है या नहीं..?

दरअसल आजकल नगर सहित अन्य स्थानों में पैथालॉजी लेंबो या क्लिनिक में मरीजों से पैसे ऐंठने के लिए हर तरह की तरकीबे अपनाई जा रही है। वन टाइम इंवेस्टमेंट और अनलिमिटेड रिटर्न के इस धंधे में मरीज की जिंदगी तक दांव पर लग जाती है।
इस गोरखधंधे की असलीयत जाननी हो तो बिमारी की जांच अलग-अलग लेबो में करवाओ, सारा सच सामने आ जायेगा कि कौन कैसी रिपोर्ट पेश करता है। एक ही जांच की रिपोर्ट हर पैथालॉजी लैब में अलग आने से मामला सार्वजनिक हो जायेगा। इसका सबसे बड़ा कारण है कि यहां काम करने वाले टैक्निशियन ही पूर्णत: योग्य नहीं होते है।

जानकारी अनुसार अवैध रूप से संचालित पैथालॉजी लेंबो में नौसिखि लैब टेक्नीशियन, पी.एफ. आर, मलेरिया, टायफाइड, यूरिन, पीलिया, एड्स सहित अन्य बीमारियों की जांच कर रहे हैं। जिन्हें पर्याप्त ज्ञान नहीं होता और वे पैसे कमाने के चक्कर चेहरा देख-देख कर पैसा वसुलते है। जनपद में कहने को तो 43 पैथालॉजी रजिस्ट्रेशन है पर जिन डॉक्टरों की डिग्री लगी वो कही न और प्रेक्टिस कर रहे है। तो एक ही डॉक्टर के नाम से कई पैथोलॉजी संचालित हो रही है।

स्वास्थ्य विभाग की सूची के अनुसार डॉ.अमर नाथ सेठ के नाम से तीन पैथोलॉजी जिनमे सूर्या डागनोरिस्टक सेन्टर, डॉ लाल पैथ प्रा. लि. सरस्वती पैथोलॉजी सेंटर है। तो डॉ पंकज त्रिपाठी के नाम चार पल्स पैथ प्रा.लि. मेहर पैथोलॉजी, आर बी एल पैथ लैब, भारत पैथोलॉजी है।

वही डॉ शिवेंद्र विक्रम सिंह के नाम चार जिनमे श्री बाला जी पैथोलॉजी सेन्टर, रियल पैथोलॉजी, कृष्णा पैथोलॉजी क्लीनिक, शाम्भवी वेलनेस पैथोलॉजी सेन्टर है। इस तरह तीन डॉक्टर ग्यारह पैथोलॉजी चला रहे है अब आप खुद ही सोचिए कि कैसे आपकी जांच सही होगी। धन के लोभ में लोगो की जान से खिड़वाड करने वाले इन मानक विहीन चल रहे फर्जी लैब क्यों नही होती कार्यवाही? क्या स्वास्थ्य विभाग ले रहा है मोती रकम?