सिस्‍टम की लापरवाही, बस में 60 की जगह ठूंसे गए थे 80यात्री

लखनऊ। यूपी के फिरोजाबाद जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे पर बुधवार देर रात दिल्ली से बिहार जा रही एक स्लीपर बस ने पंक्चर ठीक करा रहे खड़े ट्रक (कंटेनर) में टक्कर मार दी. जिससे बस सवार 16 यात्रियों की मौत हो गई और 31 घायल हो गए.इस हादसे में सिस्टम की लापरवाही सामने आई है। जिस कंटेनर से बस टकराई थी वो कंटेनर लगभग 3 घंटे से एक्सप्रेस-वे पर खड़ा था। UPEIDA (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) के नियमों के मुताबिक अगर कोई गाड़ी खराब होती है तो उसे एक्सप्रेस-वे के किनारे येलो लेन पर खड़ा करना चाहिए लेकिन कंटेनर ओवरटेक लेन में खड़ा था।

UPEIDA (यूपीडा) की वेन मोनिटरिंग करती रहती है लेकिन इस मामले में कंटेनर को साइड से लगवाने की कोई कोशिश यूपीडा के अधिकारियों ने नहीं की।इस तरह के हादसों में परिवहन विभाग की लगातार लापरवाही सामने आती रही है। इस मामले में भी बसों में क्षमता से ज्यादा यात्री इस बस में थे। जिनकी संख्या नियमानुसार 60 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए जबकि इसमें लगभग 80 से 90 के बीच यात्री थे।
बसों के अनाधिकृत संचालन को लेकर भी परिवहन विभाग की लापरवाही प्रारंभिक तौर पर नजर आ रही है।लंबे रूट पर दो ड्राइवर तैनात होने चाहिए लेकिन यात्रियों की माने तो इस बस में एक ही ड्राइवर था। इतना बड़ा हादसा होने के बाद भी परिवहन विभाग का कोई जिम्मेदार अफसर घटना स्थल पर नहीं पहुंचा।

क्या बोले एसएसपी

फिरोजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) सचिंद्र पटेल ने बताया, “यह हादसा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे में फिरोजाबाद और इटावा जिले की सीमा में भदान गांव के पास बुधवार रात करीब दस बजे हुआ जिसमें पंक्चर बनवा रहे खड़े ट्रक में एक अनियंत्रित स्लीपर बस ने पीछे से टक्कर मार दी हादसे में बस सवार 14 यात्रियों की मौत हो गई और 31 यात्री घायल हो गए हैं जिन्हें इलाज के लिए सैफई के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। बस में लगभग 80 से 90 यात्री सवार थे और बस दिल्ली से बिहार के मोतिहारी जा रही थी।

उन्होंने बताया, हादसा इतना जबरदस्त था कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है।बस को क्रेन के जरिए हटाया गया है।अभी मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। घायलों के परिजनों को दुर्घटना की सूचना दे दी गई है और मृतकों की पहचान मुकेश, विनोद कुमार, कलामुद्दीन, भगवान चौधरी, हरिंदर पासवान, चन्दन महतो, नागेश्वर शाह, गुलशन कुमार, अनिल शाह, राकेश कुमार, ट्रक चालक भूरा के रूप में हुई है।वहीं, सैफई मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आपातकालीन वार्ड के ईएमओ डॉ. विश्व दीपक ने बताया, “यहां 13 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया है, जबकि एक व्यक्ति ने इलाज शुरू होते ही दम तोड़ दिया है. घायलों में छह की हालत बेहद गंभीर है।

CM योगी ने दिए अधिकारियों को निर्देश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे में मरने वाले यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।