निर्मोही अखाड़ा ने कहा- अयोध्या पर मध्यस्थता कारगर नहीं, SC में सुनवाई जारी

अयोध्या। अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने अदालत से कहा है कि इस मसले में मध्यस्थता काम नहीं कर रही है, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट को ही फैसला सुनाना चाहिए. हालांकि, अदालत की ओर से कहा गया है कि हमने मध्यस्थता के लिए वक्त दिया है, उसकी रिपोर्ट में वक्त है।

गोपाल सिंह विशारद रामजन्म भूमि विवाद में एक मूल वादकार भी हैं, विशारद ने अपनी याचिका में कहा है कि इस विवाद को निपटाने के लिए आठ मार्च को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एफएम कलीफुल्ला की अध्यक्षता में तीन सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई थी लेकिन इसमें कोई प्रगति नहीं दिख रही. विशारद ने याचिका में कहा है कि शीर्ष अदालत मामले की जल्द सुनवाई करे।

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस की तीन सदस्यीय पीठ से विशारद की ओर से पेश वरिष्ठ वकील पीएस नरसिम्हा ने कहा कि मालिकाना हक के इस विवाद को जल्द सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध किए जाने की जरूरत है. विशारद ने याचिका में कहा है कि मध्यस्थता कमेटी की अब तक तीन बैठकें हो चुकी हैं लेकिन हल निकलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही, इसलिए शीर्ष अदालत इस पर जल्द सुनवाई करे।