कस्बा वासियों का सफाई कर्मियों व जिम्मेदार लोगों के प्रति रोष

लखनऊ।सरकार का सफाई व्यवस्था बेहतर बनाकर गांव व शहर को गंदगी से मुक्त करने का दावा जमीनी स्तर पर खोखला साबित हो रहा है इसकी हकीकत कई जगह लंबे समय से धर्मसिवा बाजार में बजबजाती गंदी नालियों का पानी सड़क पर पसारा पड़ा हुआ है।

कस्बा वासियों को चेहरे पर चिंता की लकीरें खींच दी है । कस्बा वासियों का कहना है कि नालियों की सफाई नहीं होने से जाम नालियों का पानी सड़क पर लगा हुआ है। हाल ही में धर्मसिंहवा चौराहे से थाने की तरफ जाने वाली सड़क का निर्माण हुआ है जो पानी के वजह से गिट्टियां उखड़ कर जगह जगह धंस गई है सड़क पर गंदा पानी बह रहा है मजबूरी में कस्बा वासियों ने चंदा लगाकर साफ सफाई करवाया।

गंदगी से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है करीब 10,000 से अधिक आबादी वाले कस्बा में लापरवाही के चलते सफाई व्यवस्था पटरी पर हो गई है हाल यह है कि महीनों से नालियों की साफ-सफाई नहीं हुई है इस कारण पूरी तरह से नालियां जाम पड़ी हुई है, पानी अपना रास्ता क्षेत्र बदलकर सड़कों पर बह रही हैं जिसमें भरा पानी सड़ने से बदबू मार रहा है इससे आसपास रहने वाले लोगों को काफी तकलीफ उठाना पड़ रहा है वहीं मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से लोग कई तरह की बीमारी की गिरफ्त में आकर अस्पताल के मुंह देख रहे हैं ।

एखलाख अंसारी,अमीरूद्दीन अंसारी, प्रमोद जायसवाल, राजमणि पंडित, कृष्णा मोदनवाल, सोनू प्रजापति,अजीत पटवा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कैलाश नाथ वर्मा,अली अहमद, धर्मेन्द्र विश्वकर्मा,आशाकर्मी विमला देवी, स्वामीनाथ मध्देशिया, संतोष मध्देशिया,अजय मध्देशिया उर्फ तेजू,अमन मोदनवाल, सलमान मनिहार, अब्दुल मनिहार, शब्बीर, रघुनाथ अग्रहरी,लल्लू पटवा, रेहान अंसारी, सतीश, अनिल आदि कस्बा वासियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर जनप्रतिनिधि और अफसरों को भी कई बार शिकायत दर्ज कराई लेकिन सुनवाई नहीं हुई।सफाई कर्मी अपने मन का मालिक है। एक दो महीने में कभी आ भी जाता है, तो अपने मन का जगह-जगह कूड़ा लगा कर चला जाता। एक ही स्थान पर कई दिन तक कूड़ा पड़ा रहने से उससे उठते दुर्गध से संक्रामक रोग फैलने का भय बना रहता है। जिससे सभी कस्बावासियों में सफाईकर्मी के प्रति रोष रहता है।