जल्द ही प्रदेश में जल संरक्षण के लिए कानून लाएगी सरकार

रिपोर्ट- रतन गुप्ता

गोरखपुर।  प्रदेश सरकार विभिन्न आयामों के माध्यम से जल संचयन करेगी। बारिश एवं भूमिगत जल के संरक्षण के लिए कानून बना कर अनिवार्य रूप से लागू कराया जाएगा। कहा कि ड्राफ्ट तैयार है, शीघ्र ही कैबिनेट में लाया जाएगा। अक्तूबर तक कानून का रूप से दिया जाएगा, अनुपालन के लिए केवल 6 माह का वक्त देंगे। इस कानून के अंतर्गत जल को प्रदूषित करने पर 10 से 20 लाख रुपये जुर्माना और 5 से 7 साल की कड़ी सजा का प्रावधान किया जाएगा।

डॉ महेंद्र सिंह सोमवार को गोरखनाथ मंदिर में साप्ताहिक पुण्य तिथि समारोह के अंतर्गत,‘जल है तो कल है’ विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल संरक्षण को लेकर खासे गंभीर है। इस नए कानून के अंतर्गत सभी सरकारी, अर्ध्य सरकारी एवं निजी शैक्षणिक संस्थान, व्यापारिक संस्थान होगा, सभी को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य रुप से लगाना होगा। यदि ऐसे संस्थान रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं लगाएंगे, उन्हें संस्थान के संचालन की मान्यता नहीं मिलेगी, लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।

प्रदूषण फैलाने पर होगी जेल, जुर्माना

डॉ महेंद्र ने कहा कि बहुत सारी फैक्टरिया, केमिकल फैक्टरिया, मान्यता प्राप्त बूचड़ खाने संचालित हो रहे है। इन फैकटरियां से भूमिगत जल प्रदूषित हो रहा है। ऐसे लोगों के लिए 5 से 7 साल की सजा और 10 से 20 लाख रुपये के जुर्माने का प्रवाधान किया जा रहा है।

सबमर्शिबल लगाने के लिए लेनी होगी अनुमति, लगेगा मीटर

डॉ महेंद्र सिंह ने कहा कि शहर हो या गांव, हर व्यक्ति को सबमर्शिबल लगाने के लिए अनुमति लेने होगी, बिना अनुमति के कोई सबमर्शिबल नहीं लगेगा। जितने लोगों ने सबमर्शिबल लगा रखा है, उन सब को पंजीकरण कराना होगा। हर सबमर्शिबल में हम मीटर भी लगाएंगे। ऐसा नहीं कि पानी खोल कर आप गाड़ी धोते रहेंगे और भैस को नहलाते रहेंगे। सभी सरकारी आवासो में शतप्रतिशत रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनविर्य होगा। ताकि वर्षा जल से रिजार्च किया जा सके। सभी घरों में सबमर्सिबल पम्प में रीडिंग मीटर भी लगाना सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे यह पता चल सके कि परिवार द्वारा कितने जल का दोहन हो रहा।

पुनर्जिवित किए जाएंगे बचे कुएं

मंत्री ने कहा कि शहर, गांव-देहात में अवशेष बचे पुराने कुएं को पुर्नजिवित कराएंगे ताकि बारिश का पानी सीधे पाताल तक जाए। इस पर जल्द कार्य शुरू किया जाएगा। इसके अलावा तालाब, चेकडेम बना कर जल का संरक्षण किया जाएगा।

वाटर रिचार्ज सिस्टम होने के बाद पास होगा नक्शा 

डॉ महेंद्रे सिंह ने कहा कि सभी सरकारी आफिसों में चाहे वह तहसील हो, थाना हो, डीएम आफिस हो, सीडीओ आफिस हो, अस्पताल हो सभी में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया जाएगा। अब जो भी निर्माण कराए जाएंगे उसका नक्शा तभी पास किया जाएगा, जब वहां पर वाटर रिचार्ज सिस्टम बना होगा। सरकार अब ऐसे प्राविधान करेगी कि कहीं से भी हम जितना पानी लें उतना ही पानी धरती के अन्दर भी डाला जाए।

रेन वाटर सिस्टम के लिए मॉडल तैयार

जलशक्ति मंत्री कहा कि यूपी के 151 ब्लाक डार्क जोन में तब्दील हो गए हैं। उम्मीद है कि अगले साल तक जल संरक्षण की इन नई कोशिशें से उबार लाएंगे। अब पानी से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। नए एक्ट को लागू करके अगली बारिस से पहले जल संचय, जल संवर्धन के लिए बड़ा काम प्रदेश सरकार करेगी।* छोटे-बड़े माडल के माध्यम से गरीब से गरीब आदमी भी अपने घर में रेन वाटर सिस्टम लगा सके या बना सकें उसके लिए भी मॉडल तैयार किया जाएगा