IMF ने भी कहा, दुनिया के 90 फीसदी देशों में आर्थ‍िक सुस्ती

नई दिल्ली। आर्थिक सुस्ती को लेकर चेतावनी जारी की है. IMF (International Monetary Fund) चीफ क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा ने कहा कि इस वक्त वैश्विक अर्थव्यवस्था में आर्थिक सुस्ती देखी जा रही है, जिसके कारण 90 फीसदी देशों की विकास की रफ्तार धीमी चल रही है. वहीं तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था होने के चलते भारत पर इसका अन्य देशों के मुकाबले ज्यादा असर देखने को मिल सकता है. उन्होंने कहा कि साल 2019 में हमें लगता है कि दुनिया के 90 फीसदी देशों में ग्रोथ रेट सुस्त रहेगी. वैश्विक अर्थव्यवस्था अब सुस्ती के दौर में है।

इससे पहले अपने संबोधन में क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा ने कहा कि दुनिया की 90 प्रतिशत अर्थव्यवस्था के 2019 में मंदी के चपेट में आने की आशंका है. वैश्विक अर्थव्यवस्था वर्तमान में एक ही समय में कई कारकों की वजह (सिंक्रोनाइज्ड) से नरमी से गुजर रही है’ उन्होंने कहा कि इस व्यापक घोषणा का अर्थ है कि दुनिया की वृद्धि दर इस दशक की शुरुआत के बाद से अपने सबसे निचले स्तर तक पहुंच जाएगी।

वैश्विक वृद्धि दर अनुमान भी घटेगा
जॉर्जिवा ने कहा कि आईएमएफ चालू और अगले वर्ष के लिए अपने वृद्धि दर अनुमान को घटा रहा है. हालांकि इसके आधिकारिक संशोधित आंकड़े वह 15 अक्टूबर को जारी करेगा. पहले आईएमएफ ने 2019 में वैश्विक वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत और 2020 में 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। उन्होंने कहा कि करीब 40 उभरती तथा विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर पांच प्रतिशत से अधिक रहेगी।

उन्होंने कहा, ‘इस तरह के आउटलुक से उन देशों के लिए और मुश्किल होने वाली है जो पहले ही कठिनाई से गुजर रहे हैं. खासकर मुद्रा कोष कई देशों में कार्यक्रमों में समस्या आ सकती है।बुल्गारिया की जॉर्जीएवा जनवरी 2017 से विश्व बैंक की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रही हैं. वे इसी साल एक फरवरी से आठ अप्रैल तक विश्व बैंक समूह की अंतरिम अध्यक्ष रहीं।