न्यायालय केआदेश पर अतुल चतुर्वेदी सहित चार पुलिस कर्मी के खिलाफ हरिजन एक्ट का मुकदमा

रिपोर्ट -नरेंद्र गुप्ता

गोंडा। यूपी के गोंडा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमे बिना जुर्म के हरिजन व्यक्ति को पुलिस ने प्रताड़ित किया। दरअसल विशेष न्यायाधीश एस सी एस टी एक्ट ने हरिजन उत्पीड़न को लेकर तत्कालीन थाना अध्यक्ष धाने पुर के अतुल चतुर्वेदी सहित चार पुलिस कर्मी के विरोध में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। न्यायालय के आदेश पर ही थाना अध्यक्ष के खिलाफ में हरिजन उत्पीड़न और मार पीट करने का मुकदमा दर्ज हुआ है। नगर कोतवाली के रकाब गंज निवासी अजय कनौजिया पुत्र लक्ष्मी नारायण ने न्यायालय में एक वाद दायर किया था। जिस में उस ने कहा कि बीते 10 मई 2019 को बाइक से अपने साथी अमित के साथ किसी काम से बाबा गंज गया था।

वही से वापस घर लौट रहा था। रात्रि करीब 11.30 बजे थे। बाबा गंज के पास एक कुछ लोग सरकारी गल्ले की गाड़ी को रोके थे। इसी को लेकर हल्ला गुहार हो रहा था। मैंने अपने बाइक को रोक और वहाँ पर गया। मौके पर कुछ पत्रकार भी रहे। मैं वहाँ से चल दिया और कुछ दूर आने पर 100 नम्बर को फोन कर के गोंडा की ओर आ रहा था।

धाने पुर के पास पहुँचा तो मेरे मोबाइल पर किसी पुलिस कर्मी का फोन आने लगा। मुझे वापस बुलाने लगा। मना किया। फिर उसने कई बार फोन कर के कई बार बुलाया तब मैं गया। बाबा गंज पहुँचा ताभी धाने पुर थाना प्रभारी अतुल चतुर्वेदी 100 डायल प्रभारी डी एन सिंह, हेड कांस्टेबिल विनोद पांडेय मौजूद थे। पहुचते ही गाली गलौज किया और मारा पीटा, मार कर थाने पर बन्द कर दिया। बहुत पूछने पर भी कुछ बताया नही। न्यायालय ने इस को लेकर हरिजन एक्ट और मार पीट करने का मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था। इस पर तत्कालीन थाना अध्यक्ष अतुल चुर्वेदी सिपाही विनोद पांडेय और डायल 100 प्रभारी डी एन सिंह और दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है।