धंधा कच्ची शराब का, सौदा पक्की मौत का

  • नशीली बनाने के चक्कर में जहरीली हो जाती शराब

उमेश त्रिपाठी

महराजगंज। महराजगंज फरेंदा सर्किल के चारों थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में अवैध रूप से कच्ची शराब की भठ्ठियां धधक रही हैं। जिससे शाम को महिलाओं व बच्चों का घर से निकलना दूभर हो गया है। फरेंदा, बृजमनगंज, पुरंदरपुर व कोल्हुई थाना क्षेत्र के गांवों में शराब बनाने व बेचने का धंधा जोरों पर चल रहा है। पुलिस व आबकारी विभाग की मिली भगत से यह धंधा फलफूल रहा है।

फरेंदा थाना क्षेत्र के पिपरा तहसीलदार के टोला खखड़हिया, भारीबैसी, रामनगर, घोडसार के साथ ही कुसहटिया, परगापुर, नगेशरापुर सहित अन्य गांवों में दर्र्जनो भठ्ठियां धधक रही हैं। शाम होते ही शराबियाें का जमावड़ा गांव में लग जाता है। इनके आतंक से आम लोगों का जीना दूभर हो गया है। जिम्मेदारों के मिलीभगत से इन कारोबारियाें का हौसला बुलंद हैं। जिससे यह बेफिक्र होकर कच्ची शराब का धंधा संचालित कर रहे हैं।

ऐसे बनती है कच्ची शराब

अवैध कच्ची शराब को तैयार करने में न तो कोई मानक है, और न ही उसे कोई देखने वाला। नतीजा अवैध कारोबारी अपनी शराब को और अधिक नशीली बनाने के लिए कुछ भी डालने से गुरेज नहीं करते हैं। सूत्रों की माने तो कच्ची शराब महुआ व गुड़ को सड़ा कर उबालने के बाद तैयार किया जाता है। यह सामग्री कारोबारियों को महंगी पड़ने के साथ ही अधिक नशीली नहीं होती। इससे वह कम खर्च में अधिक नशीला बनाने के लिए उसमें मिलावट करते है। गुड़, महुआ, यूरिया, नौसादर को प्लास्टिक के भोरे में भरकर लहन को सड़ने के लिर भूमि में दबा दिया जाता है। लहन तैयार होने के बाद बड़े पतीले में उसे उबालने के लिए रख दिया जाता है। साथ ही इसमें नशीले सस्ते इंजेक्शन उसके घोल में मिला दिए जाते है। जिससे शराब जहरीली हो जाती है, इसका शेवनकरने से लोग मौत को गले लगा रहे हैं।

व्यापक स्तर पर होगी करवाई

आबकारी निरीक्षक फरेंदा रवि विद्यार्थी ने कहा कि समय समय पर अभियान चलाकर कच्ची कारोबारियाें पर शिकंजा कसा जाता है। इसी क्रम में अभियान चलाकर करवाई की गई थी। शीघ्र ही पुन: अभियान चलाकर इन पर शिकंजा कसा जाएगा।