भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा स्वच्छता अभियान

रिपोर्ट- लालबाबू गौतम

देवरिया। सरकार स्वच्छ भारत बनाने के लिए गावों और शहरों में करोड़ो रूपये पानी की तरह बहा रही है जिससे हमारा भारत स्वच्छ बन सके । इस अभियान को सफल बनाने के लिए गांव के प्रत्येक घर के मुखिया के नाम से प्रत्योसाहन राशि के रूप में बारह हजार रुपये इज्जत घर बनाने के लिए सहयोग कर रही है। जिससे प्रधानमंत्री का स्वच्छ भारत का सपना पूरा हो सके।

 

वही देवरिया जिले के सौरेजी खरग गांव में सरकार की स्वच्छ अभियान भष्टाचार का भेट चढ़ गया है ।इज्जत घर की स्थिति देखकर आपको खुद अंदाजा लग जाएगा कि इस गांव में कितना विकास हुआ है और सरकार के स्वच्छता अभियान को भ्रष्टाचार का भेंट चढ़ा दिया गया है,जी हां आपको बताते चलें कि यह मामला तब उजागर हुआ जब एक व्यक्ति जनसूचना के तहत गांव के शौचालय की लिस्ट विभाग से मांगी। लिस्ट देखने के बाद ग्रामीण दंग रह गए । उस लिस्ट में एक परिवार के तीन शौचालय पास है ।

एक का निर्माण हुआ है दो का पैसा ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी स्वयं निकाल लिए हैं हद तो तब हो गई जब एक महिला की मौत हो जाने के बाद भी उसके नाम से प्रधान अपने खाते से शौचालय का पैसा निकाल लिया,इस गांव के 336 शौचालय का पैसा प्रधान प्रतिनिधि के खाते में ही भेजा गया हैं इसका खुलासा तब हुआ जब बैंक अकाउंट एस्टीमेट निकाला गया।

उससे साफ जाहिर होता है की इस गांव में शौचालय के नाम पर ग्राम प्रधान द्वारा लाखों का गमन किया गया है शिकायतकर्ता के द्वारा बताया गया कि शौचालय के नाम पर लगभग 40 लाख रुपया से ऊपर सरकारी खाते से निकाल लिया गया है,और अपने निजी कार्यों में प्रयोग कर लिया गया है अगर सरकारी धन का इसी तरह अधिकारी ग्राम प्रधान बंदरबांट करते रहे तो गांव का विकास तो धरातल में चला ही जाएगा। अब देखना यह है की इस घोटाले की जांच कर अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं । या सरकार के धनको इसी तरह बंदर बात होता रहेगा।