बारिश अपने रौद्र रूप में, पानी में बह रहीं सड़कें और सरकारी दावे

नई दिल्ली। देश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून की भारी बारिश आफत बनकर आई है। देश के कई हिस्से इस वक्त बाढ़ की चपेट में हैं। नदियों का जल स्तर बढ़ने के कारण अमस और बिहार के कई इलाके जलमग्न हो गए है। असम में बाढ़ से अबतक सात लोगों की मौत हो गई है, जबकि बिहर में बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा 13 पहुंच गया है। मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटे भारी बारिश का आलर्ट जारी किया है। भारी बारिश के बाद असम के नागांव इलाके में ब्रह्मपुत्र नदी का पानी घुसने के बाद सड़क टूट गई।

सेना की टीम लगातार राहत-बचाव में जुटी

असम और अरूणाचल प्रदेश के ऊपरी जिलों में हो रही मूसलाधार बारिश से ब्रह्मापुत्र समेत कई नदियां उफान पर हैं। इस वजह से प्रदेश के 17 जिलों में बाढ़ की वजह से लगभग 4.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। लगातार हो रही बारिश की वजह से 7 लोगों की मौत हो गई है। शुक्रवार से सेना और एनडीआरएफ की टीमें पानी में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटी हुई हैं।
असम में विनाशकारी बाढ़ के कारण काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और उसके 95 शिविर 70 प्रतिशत पानी में डूब गए हैं। स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए वन अधिकारियों को ड्यूटी पर बने रहने के लिए कहा गया था साथ ही छुट्टियों को रद्द कर दिया गया है।

अबतक 13 की मौत

बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से कोसी नदी का जल स्तर बढ़ गया है। पूर्वी बिहर में कोसी-सीमांचल की नदियां उफान पर हैं। नदियों में उफान से निचले इलाके में बाढ़ का पानी घुस गया। इस दौरान घर गिरने और पानी भरे गड्ढे में डूबने से लगभग 13 लोगों की मौत हो गई है। पश्चिम चंपारण में गंडक का जलस्तर तेजी से बढऩे के कारण हाईअलर्ट पर रखा गया है। राजधानी पटना में गंगा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी देखी जा रही।

गृह मंत्री की नजर

बाढ़ के हालात से निपटने के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक का आयोजन बाढ़ की स्थिति और इससे निपटने के लिए राज्य और केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा के लिए किया गया था।