अर्थव्यवस्था को लेकर हो सकते हैं बड़े एलान, प्रेस कॉन्फ्रेंस आज..

नई दिल्ली। आर्थिक सुस्ती को लेकर चारों तरफ से आलोचनाओं का सामना कर रही केंद्र सरकार इकॉनमी को रफ्तार देने के लिए शनिवार को एक बार फिर अहम घोषणाएं कर सकती हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री शनिवार को यहां नैशनल मीडिया सेंटर में अपराह्न दो बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी। इसकी जानकारी पीआईबी ने ट्वीट कर दी है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ऑटोमोबाइल, एनबीएफसी, बैंकिंग, रियल एस्टेट तथा अन्य सेक्टर्स के लिए बड़े ऐलान कर सकती हैं।

बता दें कि अर्थव्यवस्था में सुस्ती को लेकर सरकार पर विपक्ष हमलावर है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि केंद्र की नोटबंदी तथा जीएसटी जैसी नीतियों के कारण अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है। उन्होंने कहा कि सरकार यह स्वीकार तक करने के लिए तैयार नहीं है कि देश की अर्थव्यवस्था संकट में घिर गई है। पूर्व प्रधानमंत्री ने सरकार को चेताते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार को अखबारों में सुर्खियां बटोरने की राजनीति से बाहर निकलने और देश के समक्ष आर्थिक चुनौतियों से निपटने की जरूरत है।

किन-किन बैंकों का हो रहा विलय

पहला विलय पंजाब नेशनल बैंक में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया और ओरिएंटल बैंक का होगा. इसी तरह दूसरे विलय के तहत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक और कॉरपोरेशन बैंक एक हो जाएंगे. इसके अलावा केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक और इंडियन बैंक में इलाहाबाद बैंक शामिल होगा, यहां बता दें कि बीते 5 सितंबर को पीएनबी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के निदेशक मंडल ने विलय को सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे भी दी है. बहरहाल, इस विलय के बाद देश में 12 PSBs बैंक रह जाएंगे. इससे पहले साल 2017 में पब्‍लिक सेक्‍टर के 27 बैंक थे।

23 अगस्‍त को भी किए कई ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 23 अगस्‍त को भी प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में इकोनॉमी से जुड़े ऐलान किए. इस दौरान उन्‍होंने विदेशी निवेशकों पर लगने वाले अतिरिक्‍त सरचार्ज को हटा दिया. इसके अलावा वित्त मंत्री ने बैंकों को जल्द ही 70,000 करोड़ रुपये की पूंजी उपलब्ध कराने का ऐलान किया. साथ ही बताया कि बैंक अब आरबीआई द्वारा रेपो रेट में की गई कटौती का फायदा सीधे ग्राहकों को देंगे, इसका असर ये होगा कि ग्राहकों को अब होम और ऑटो लोन सस्ते मिलेंगे।

वहीं ऑटो इंडस्‍ट्री को बूस्‍ट देने के लिए कहा कि 31 मार्च 2020 तक खरीदे गए BS-4 वाहन मान्य होंगे. वहीं वन टाइम रजिस्ट्रेशन फीस पर राहत भी दी गई. यही नहीं, GST रिफंड में देरी से पैसों की कमी झेलने वाले कारोबारियों को राहत देते हुए कहा कि अब जीएसटी रिफंड का भुगतान 30 दिनों के अंदर किया जाएगा।