कांग्रेस विधायक अदिति सिंह के पिता अखिलेश सिंह का मंगलवार सुबह निधन

रायबरेली।  रायबरेली सदर विधानसभा से कई दशकों तक अपना झंडा बुलंद रखने वाले पहले निर्दलीय फिर कांग्रेस से टिकट लेकर लड़ने वाले पूर्व कांग्रेसी नेता सदर विधायक अखिलेश सिंह का मंगलवार सुबह लखनऊ स्थित पीजीआई (Lucknow PGI) में निधन हो गया. वे लम्बे समय से कैंसर से पीड़ित चल रहे थे. जिसके लिए वह अक्सर विदेशो के चक्कर लगाते दिखते थे।उनकी विरासती सीट पर उनकी छोटी बेटी अदिति सिंह कांग्रेस से विधायक हैं।  अखिलेश सिंह के निधन से जिले में शोक की लहर दौड़ गई है,लखनऊ के पीजीआई से उनका पार्थिव शरीर रायबरेली स्थित उनके पैतृक आवास लालूपुर पहुंचेगा.
बता दें अखिलेश सिंह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे,फिरहाल अभी उनका इलाज सिंगापुर में भी चल रहा था. वे लखनऊ के पीजीआई में रूटीन चेकअप के लिए आये थे, जहां उनकी तबीयत बिगड़ती चली गई। और मंगलवार सुबह करीब 6 बजे के करीब उन्होंने देह त्याग दिया।

रायबरेली सदर से पांच बार रहे विधायक राह चुके है अखिलेश सिंह

अखिलेश सिंह की छवि इलाके में दबंग नेता की थी. वे रायबरेली सीट से पांच बार विधायक भी राह चुके हैं, कांग्रेस से विधायक चुने जाने के बाद भी उनका गांधी परिवार से 36 का ही आंकड़ा बना रहा, कई बार निर्दलीय भी चुने गए और वर्ष 2012 के चुनावों से पहले पीस पार्टी भी जॉइन की थी,कहा जाता है कि अखिलेश सिंह का उनके विधानसभा में अच्छा खासा खौफ कायम था कांग्रेसी उनसे भयभीत होकर पोस्टर भी नहीं लगा पाते थे, राहुल और प्रियंका की रैलियों से कही ज्यादा भीड़ उनकी सभाओं में जुट जाती थी.उनके बारे में यह भी फ़ेमस है कि जिस दिन राहुल और प्रियंका की जनसभा होती थी, अखिलेश उसी दिन अपनी रैली किया करते थे।2017 में ही सौप दी सियासी विरासत बेटी अदिति को

2017 में बेटी को सौंपी विरासत के बावजूद

अखिलेश सिंह का दबदबा देखने को मिलता हैंऔर. वर्ष 2017 के चुनाव में अपनी गिरती सेहत की वजह से और सियासी विरासत को संजोए रखने के लिए ही अखिलेश ने अपनी बेटी को कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़वाकर विधानसभा भेजा। फिलहाल उनके निधन के बाद से उनकी बेटी के कंधों पर विधानसभा की जिम्मेदारी व वहाँ की जनता लगातार विश्वास जीत पाती हैं या नहीं?