सरकार के सहयोग से गरीबों को मिलेगा निजी मेडिकल एक्सपर्ट्स का बेहतरीन इलाज    

लखनऊ। योगी सरकार सूबे की सेहत को सुधारने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है, इसी क्रम में सरकार एक और बड़ा प्रयोग करने जा रही है। सरकार प्रदेश के बड़े शहरों के प्राइवेट डॉक्टर्स को जिला अस्पताल में बैठाए जाने की तैयारी कर रही है। इन डॉक्टरों को परामर्श के लिए सीधे लोगों तक पहुंचाने के लिए एक एप भी तैयार करवाया जा रहा है।
दरअसल सरकार प्रदेश के सभी बड़े जाने माने डॉक्टर्स को गरीब मरीजों तक पहुंचाने की तैयारी में है। जिले के ये वो डॉक्टर्स होंगे जिनके अस्पताल में इलाज के लिए मरीजों की लंबी लाइनें लगती हैं। सरकार की कोशिश है कि इस व्यवस्था से गरीब मरीज को अपने ही शहर के नामी डॉक्टर से बिना लाइन और बिना महंगा खर्च उठए ही परामर्श मिल जाए। इसके लिए योगी सरकार एक ऐप भी तैयार करवा रही है। इस एप में एक क्लिक पर मनचाहे डॉक्टर से गरीब मरीज संपर्क कर सकेंगे।
बताया गया है कि इस दौरान प्राइवेट डॉक्टर्स की परामर्श फीस राज्य सरकार देगी। यही नहीं प्राइवेट डॉक्टर जिस शहर के जिला अस्पताल में बैठकर मरीज भी देखेंगे। उसका पूरा विवरण उस जिले के सीएमओ के पास होगा। सरकार प्राइवेट डॉक्टर्स से अपील भी कर रही है कि जब उनके पास खाली समय हो, तब भी मरीजों की वो सेवा करें।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के मुताबिक सरकार ने आईएमए के माध्यम से प्रदेश के कई प्राइवेट डॉक्टर्स से बातचीत की थी। इसमें उन्होंने इच्छा जाहिर की थी कि वे खाली समय सरकार को देना चाहते हैं। प्रदेश में कई स्पेशलिस्ट और जाने माने डॉक्टर्स हैं। उनकी उपलब्धता के अनुसार एक एप बन रहा है। जिस पर रजिस्ट्रेशन होगा, जल्द ही इसे लांच करेंगे। ट्रायल के तौर पर सहारनपुर में 65 डॉक्टर इस तरह की सेवाएं दे रहे हैं। वे ओपीडी के साथ साथ ऑपरेशन भी नि:शुल्क कर रहे है।
इससे पहले भी योगी सरकार ने स्वस्थ महकमे को दुरस्त करने को लेकर कदम उठा चुकी है, चाहे वह रिटायर्ड डॉक्टर्स को संविदा पर रखने की बात हो या आयुष डॉक्टरों की पीएचसी में तैनाती। सरकार लगातार प्रदेश में डॉक्टर्स की कमी दूर करने की कोशिश में लगी हुई है।
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