विवाद-ए-आजम!

आजम खान जौहर यूनिवर्सिटी के संस्थापक और उनके बेटे अब्दुल्ला खान इसके सीईओ हैं। उत्तर प्रदेश की स्वार-टांडा सीट से विधायक अब्दुल्ला पर आरोप है कि उन्होंने बुधवार को यूनिवर्सिटी में छापेमारी के दौरान सरकारी कार्य में बाधा डाली। पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। इसके अलावा अब्दुल्ला के खिलाफ पासपोर्ट तैयार करवाने में धोखाधड़ी और झूठी जानकारियां देने को लेकर भी केस दर्ज है। अपने खिलाफ कार्रवाई को लेकर अब्दुल्ला ने कहा है कि वे अब प्रशासन के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
लखनऊ से महेश मिश्र
कभी समाजवादी पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री और रामपुर से मौजूदा सांसद आजम खां की ग्रह-दशा इन दिनों ठीक नहीं चल रही है। सांसद रमा देवी पर टिप्पणी के बाद से विवादों और मुसीबतों ने उनका ऐसा साथ पकड़ा कि वे रोज नयी-नयी मुसीबतों में घिरते जा रहे हैं। आजम खां पर अब तक करीब 27 से ज्यादा मामले दजज़् हो चुके हैं और ये सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।

जौहर विश्वविद्यालय में छापेमारी के बाद रोज रोज नए खुलासे उनकी मुसीबतें बढ़ाते जा रहे हैं। ऐसे में सवाल ये है कि समाजवादी पार्टी और अखिलेश सिंह कब तक और किस सीमा तक उनके बचाव में रहते हैं। सियासी जानकार बताते हैं कि अगर मामला ऐसे ही आगे बढ़ता रहा तो आजम खां अलग-थलग पड़ सकते हैं। पिछले कई दिनों से सुर्खियों में चल रहे समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान को पुलिस ने एक नया नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में पुलिस ने आजम खान से पूछा है कि उन्हें राज्य की तरफ से वाई श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है।

इसके बाद भी वह सुरक्षाकर्मियों को लेकर साथ नहीं चल रहे हैं। पुलिस ने यह नोटिस उनके घर पर चस्पा कर दी है। नोटिस में पुलिस की तरफ से हर स्थिति में सुरक्षा घेरे में चलने की ही सलाह दी गई है। नोटिस में लिखा है आप राजकीय सुरक्षा, जो प्रदान की गयी है उसे लेकर नहीं चल रहे हैं। राजकीय सुरक्षा को साथ लेकर भ्रमण करने का कष्ट करें। इससे पहले आजम के खिलाफ गुरुवार को ईडी ने भी केस दर्ज किया था। रामपुर में किसानों की जमीन हड़पने और मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी केस दर्ज कर लिया।

पिछले काफी दिनों से ईडी आजम के खिलाफ मामले की जांच कर रही थी, जिस पर कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है। प्रशासन की तरफ से उनको भूमाफिया घोषित किया गया है। उन पर करीब 27 मुकदमे दजज़् हो चुके हैं। ज्यादातर मामले किसानों की जमीन हड़पने से संबंधित है। रामपुर के ही किसानों ने आजम खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
इससे पहले न्यायालय ने जौहर विश्वविद्यालय से अवैध कब्जा हटाने का दिया आदेश दिया था।

उपजिलाधिकारी सदर के न्यायालय ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर जा रहे सार्वजनिक मार्ग से अवैध कब्जा हटाने के आदेश दिए थे। उप-जिलाधिकारी सदर रामपुर प्रेम प्रकाश तिवारी ने क्षतिपूर्ति के रूप में आजम खान पर 3 करोड़ 27 लाख 60 हजार रुपए का जुमार्ना भी लगाया गया है। सांसद आजम खान पर जमीन हथियाने के 26 मामलों के बाद अब एक और करोड़ों रुपए के जमीन घोटाले में फंस गए हैं। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने उनको रामपुर में लग्जरी रिसॉर्ट हमसफर के लिए सरकारी जमीन कब्जाने को लेकर नोटिस जारी किया गया है।

जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन के एक बड़े टुकड़े को कब्जाने के संबंध में अनियमितताओं का आरोप लगाया है। इस जमीन पर गेस्ट हाउस का निर्माण किया गया है। जौहर यूनिवर्सिटी में सरकारी व किसानों की जमीनें कब्जाने के आरोपों के बाद अब आजम खान की निजी संपत्ति ‘हमसफर रिसॉर्ट पर सिंचाई विभाग के नाले को कब्जा कर लेने का गंभीर आरोप लगा है। जांच में सही पाए जाने पर सिंचाई विभाग ने आजम खान को नोटिस जारी किया है।

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन कुमार से इस बारे में बताया कि पसियापुर शुमाली गांव के एक व्यक्ति सहादत खान ने एक शिकायत की थी के सिंचाई विभाग की किसी जमीन पर अतिक्रमण है। हमने अपने स्टाफ से उस जगह का मौका मुआयना कराया। उस जगह की नाप-तौल करायी गई। उन्होंने बताया कि उस जगह की जांच कराने के बाद यह तथ्य सामने आया कि वहां पर एक बड़कुसिया नाले का निर्माण कराया गया था।

जिसका गाटा संख्या 129 की 1000 वर्ग मीटर जमीन को हमसफर रिसोर्ट की चारदीवारी में डाल लिया गया है। हमने कैनाल एक्ट की धारा के 70 के अंतगज़्त नोटिस जारी कर नहर खंड की भूमि कब्जा मुक्त करने को कहा गया है।अगर आजम खान के रिजॉर्ट ने नहर विभाग की भूमि पर कब्जा नही छोड़ा तो प्रशासन को रिजॉट्र्स की दीवार तोड़कर भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाएगा। सीओ आले हसन के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी, पुलिस ने शुरू की छानबीन आले हसन की गिरफ्तारी को पुलिस ने दबिश भी दी थी, लेकिन वह भूमिगत चल रहे हैं। जिले के पूर्व सीओ आले हसन के खिलाफब पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है।

उनके खिलाफ रामपुर में 30 मुकदमे दर्ज हैं और पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। पुलिस को ऐसी सूचना मिली थी कि आले हसन विदेश भाग जा सकते हैं, इसको देखते लिए लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है। आले हसन की पुलिस अधिकारी के रूप में लंबे समय तक रामपुर में तैनाती रही है। उनकी तैनाती यहां दरोगा से लेकर सीओ तक की रही है। सेवानिवृत होने के बाद उनको जौहर यूनिवर्सिटी में सुरक्षा अधिकारी के पद पर तैनाती मिल गई थी। आले हसन के खिलाफ अजीमनगर थाने में किसानों की जमीन कब्जाने के मामले में सांसद आजम खां के साथ 27 मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा उन पर डूंगरपुर में लोगों के घर पर बुल्डोजर चलवाने और लूटपाट करने के भी तीन मुकदमे गंज थाने में दर्ज हैं। आले हसन की गिरफ्तारी को पुलिस ने दबिश भी दी थी, लेकिन वह भूमिगत चल रहे हैं।

पुलिस रामपुर से लेकर बुलंदशहर तक उनका सुराग लगाने की कोशिश की, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। ऐसे में पुलिस ने उनके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया है। एसपी डॉ. अजयपाल ने बताया कि पूर्व सीओ आले हसन के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी के लिए हड़पी पांच हजार हेक्टेअर जमीन 27 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। ज्यादातर मामले किसानों की जमीन हड़पने से संबंधित है। रामपुर के ही किसानों ने आजम खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इससे पहले न्यायालय ने जौहर विश्वविद्यालय से अवैध कब्जा हटाने का दिया आदेश दिया था।

उपजिलाधिकारी सदर के न्यायालय ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के अंदर जा रहे सार्वजनिक मार्ग से अवैध कब्जा हटाने के आदेश दिए। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नवीन कुमार से इस बारे में बताया कि पसियापुर शुमाली गांव के एक व्यक्ति सहादत खान ने एक शिकायत की थी के सिंचाई विभाग की किसी जमीन पर अतिक्रमण है। हमने अपने स्टाफ से उस जगह का मौका मुआयना कराया। उस जगह की नाप-तौल करायी गई। जौहर यूनिवर्सिटी के नाम पर आजम खान और उनके सहयोगी आले हसन पर 26 किसानों की पांच हजार हेक्टेयर जमीन हड़पने का आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ कई केस दर्ज हो चुके हैं।

आरोप है कि आजम खान और उनके करीबी हसन ने किसानों से जमीन हड़प ली और इसका उपयोग करोड़ों की मेगा परियोजना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में किया। इसके बाद उन पर मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत केस दर्ज किया। आजम उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री और रामपुर के मौजूदा सांसद हैं। पिछले दिनों योगी आदित्यनाथ सरकार ने उनके खिलाफ रामपुर में अवैध कब्जों को लेकर मामले दर्ज किए थे। उनकी जौहर यूनिवर्सिटी पर भी पिछले दो दिन छापेमारी हुई थी। पुलिस के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के पुस्तकालय से 2500 चोरी की दुर्लभ किताबें जब्त की गई हैं। यहां जौहर यूनिवर्सिटी में छापेमारी के दौरान बुधवार को पुलिस को रियासतकालीन रामपुर क्लब से चोरी हुए पत्थरों के दो शेर मिले हैं। आदमकद शेरों की यह मूर्तियां सपा शासनकाल में चोरी हुई थीं।

पीडब्लूडी के अफसरों ने इनकी पहचान की है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में पीडब्लूडी विभाग द्वारा अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब शेरों को यहां से ले जाने की कार्रवाई की जाएगी। विवेचना के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई होगी। सपा सांसद आजम खान जौहर यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं। किताबों की तलाशी में लगी पुलिस टीम को रियासत कालीन रामपुर क्लब से चोरी हुए पत्थरों के दो शेर मिले हैं।

आदमकद शेरों की यह मूर्तियां सपा शासनकाल में चोरी हुई थीं। पीडब्लूडी के अफसरों ने इनकी पहचान की है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में पीडब्लूडी विभाग द्वारा अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। अब शेरों को यहां से ले जाने की कार्रवाई की जाएगी। विवेचना के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई होगी। सपा सांसद आजम खान जौहर यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं।