विकसित यूपी का मंसूबा

विशेष संवाददाता
यह संजोग ही है कि जिस समय विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश किया जा रहा था, उसी समय उत्तर प्रदेश की रैंकिंग में एक और सफलता दर्ज हुई। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में उप्र को देश में प्रथम हासिल हुआ। इसके अन्तर्गत बैंक खाता धारकों जिनकी आयु अठारह से सत्तर वर्ष है, उन्हें वार्षिक प्रीमियम बारह रुपये में दो लाख रुपये के दुर्घटना बीमा का कवरेज उपलब्ध होगा। यह विकलांगता की स्थिति में भी उपलब्ध होगा। इस योजनान्तर्गत इस वर्ष 31 मार्च तक 1 करोड़ 95 लाख लोगों को पंजीकृत किया जा चुका है। संस्थागत वित्त विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में उप्र का देश में द्वितीय स्थान है। इसके अन्तर्गत बैंक के खाता धारकों जिनकी आयु अठारह से पचास वर्ष है, को दो लाख रुपये का जीवन बीमा वार्षिक प्रीमियम रू तीन सौ तीस पर उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अन्तर्गत मार्च तक 50 लाख 45 हजार लोग पंजीकृत किये गए हैं।

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना का क्रियान्वयन प्रदेश में जनवरी दो हजार अठारह से चल रहा है। जीवन बीमा आवरण प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के अंतर्गत प्रति सदस्य वार्षिक प्रीमियम 12 रुपया देना होता है। राज्य सरकार के अंश का भुगतान करने पर दो लाख का दुर्घटना बीमा आवरण मिलता है। दोनों योजनाओं में 4 लाख का बीमा आवरण प्राप्त कराया जाता है।

इसी प्रकार उत्तर प्रदेश ने निर्धन आवास निर्माण, शौचालय निर्माण, निवेश प्रस्ताव, निवेश प्रस्तावों के शिलान्यास में भी अभूतपूर्व काम किया है। विकास और लोक कल्याण को गति देने के लिए अनुपूरक बजट में व्यवस्था की गई। पांच हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान एनपीएस अंशदान के लिए छह लाख राज्यकर्मियों के लिए किया गया। दो हजार करोड़ से अधिक धन ढांचागत निर्माण पर व्यय होगा। 800 करोड़ रुपये से ज्यादा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को आवंटित होंगे। 2000 करोड़ रुपये से अधिक नगर विकास के लिए रखे गए है। सरकार ने राज्य कर्मचारियों से किया वादा निभाया है। इसी के साथ विकास का रोडमैप भी बनाया है। 13000 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट विधायिका से पारित हुआ।

वित्तमंत्री राजेश अग्रवाल ने मंगलवार को विधानसभा में और उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने विधान परिषद में अनुपूरक बजट पेश किया था। अयोध्या समेत पर्यटन स्थलों पर फोकस करते हुए सरकार ने 163 करोड़ की व्यवस्था की है तो शिक्षा व स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए 2 राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना व 14 जिला चिकित्सालयों को मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए भी धन की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक हजार अरब डालर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य हासिल किया जाएगा सरकार इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिये प्रत्येक क्षेत्र में व्यापक काम करना होगा। राज्य में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। इन्वेस्टर्स समिट के समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लक्ष्य रखा था। उनका कहना था कि उत्तर प्रदेश एक ट्रिलियन डालर की इकॉनोमी कब बनेगा। सरकार ने यह लक्ष्य स्वीकार किया है।

70,000 करोड़ रुपए से लेकर 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश की व्यवस्था अलग अलग क्षेत्रों में करनी होगी। तब इतने कम समय में ये लक्ष्य प्राप्त हो सकता है। लक्ष्य बड़ा है लेकिन असंभव नहीं है। योगी ने पूर्ववर्ती सरकार पर भी निशाना लगाया। कहा कि सैमसंग,टीसीएस आदि कम्पनियां प्रदेश से भाग रही थी। हमने उन्हें बुलाया और पूछा कि क्यों भाग रहे हो तो उन्होंने कहा कि हमें यहां का वातावरण ठीक नहीं लग रहा है। हमने पूछा कि राजनीतिक वातावरण या सामान्य वातावरण तो जवाब मिला कि राजनीतिक वातावरण ठीक नहीं था इसलिए हमारी कंपनी ने कारोबार समेटने करने का फैसला किया है। लेकिन अब वही सैमसंग 5,000 करोड़ रुपए का निवेश कर चुका है।

टीसीएस भी प्रदेश में अन्य स्थानों पर भी बडा निवेश कर रहा है। योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को देश की आर्थिक विकास यात्रा का सबसे बड़ा सहयोगी बनाने का मंसूबा व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाया जाएगा। योगी आदित्यनाथ को अपने इस मंसूबे की सफलता का पूरा विश्वास है। प्रधानमंत्री नरेंद मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की पांच शीर्ष अर्थव्यवस्था में शामिल हो गया है। अब उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है, यह केवल केंद्र सरकार का कर्तव्य नहीं है। इसमें उत्तर प्रदेश प्रमुख योगदान देगा।योगी ने कहा भी है कि देश का प्रत्येक पांचवां व्यक्ति उत्तर प्रदेश का है। ऐसे में उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था तक ले जाना हमारा कर्तव्य है।

यह लक्ष्य उत्तर प्रदेश में मौजूद संशाधनों के माध्यम से ही हासिल किया जा सकता है। इस विशाल प्रदेश में जितनी कृषि भूमि और जल संसाधन है, उसके सुनियोजित उपयोग से ही प्रदेश की स्थिति बदल सकती है। उत्तर प्रदेश की जमीन उर्वरा है। मृदा परीक्षण और वैज्ञानिक कृषि के द्वारा यह प्रदेश पूरी दुनिया का पेट भर सकता है। इसी के साथ योगी सरकार प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रही है। इंवेटर्स समीट में आये करीब साठ करोड़ रुपये के प्रस्तावों का शिलान्यास भी हो चुका है। सर्वांगीण विकास के बल पर उत्तर प्रदेश न्यू इंडिया के निर्माण में सबसे बड़ा योगदान करेगा।योगी आदित्यनाथ ने इसके लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। उन्होंने कहा कि अधिकारी केंद्र के बजट का अध्ययन करें, उसके अनुरूप योजनाओं व कार्यक्रमों का निर्माण करें।