राशन के नाम पर लाखों की ठगी

गोंडा। प्रदेश के गोंडा जिले मे एक फर्जी संस्था के जरिए जनता से लाखों रुपए ठगने का मामला सामने आया है। विगत दिवस मंडलीय भंडार कार्यालय अन्नपूर्णा ग्रामोद्योग संस्थान देवीपाटन मंडल के नाम से खोली संस्था ने लगभग 3,000 लोगों को अपना  निशाना बनाया। तत्कालीन जिलाधिकारी प्रभांशु श्रीवास्तव ने संस्था के चेयरमैन ओ 0पी 0वरुण सहित लगभग आधा दर्जन सहयोगियों को  नगर कोतवाल हर्षवर्धन सिंह के हवाले किया। उन्होने कहा  कि इन लोगों पर फ्रॉड का केस लगाकर चालान  करो। जिसपर कार्रवाई करते हुए कोतवाल ने उन सभी को अपने कस्टडी में लेकर नगर कोतवाली में  बंद कर दिया । उन्होने जानकारी देते हुए बताया कि इसकी जांच खाद्य विभाग और तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट सुभाष चंद प्रजापति जी के द्वारा किया जा रहा है। जिसके बाद उन सब को दूसरे ही दिन छोड़ दिया गया जिसके बारे मे पूछे जाने पर मजिस्ट्रेट प्रजापति जी कहा कि  उन्हें इसलिए छोड़ा गया है कि  वह जाएं और अपने चेयरमैन को बुला कर ले आए और तब से आज तक वह ना तो आया और ना ही उसका कोई चेयरमैन आया ।
   क्या था पूरा मामला 
 मिश्रौलिया पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत इंडियन ऑयल डिपो के केशवपुर पहड़वा  रोड पर मंडलीय  भंडार कार्यालय अन्नपूर्णा ग्रामोद्योग संस्थान देवीपाटन मंडल के नाम से बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के कुछ लोगों द्वारा एक संस्था खोली गई और इसी कार्यालय में लगभग डेढ़ माह यानी कि 45 दिनों में ₹1020 के हिसाब से लगभग 3000 लोगों का रजिस्ट्रेशन यह कहकर किया गया कि जो लोग इच्छुक हो उन्हें हम अपनी संस्था से  उन्हें  चीनी ₹25 किलो आटा 15  किलो दाल ₹50 किलो तथा मसाले भी सस्ते दामों पर देंगे । जिसमें उनका कमीशन भी जुड़ा रहेगा और वह क्षेत्रीय जनता को इसी दाम में सारा माल बेचेंगे बस इसी लालच में यहां की सीधी-सादी जनता मूर्ख बन गई । जब इस प्रकरण की जानकारी  जिला प्रशासन को हुए तो वह हरकत में आया और तत्कालीन जिलाधिकारी ने अपने कार्यालय पर मिलने आए इन सभी फ्राडो को बन्द कर दिया गया लेकिन अगले ही दिन उन्हें छोड़ दिया गया।  जिला पूर्ति निरीक्षक महेश प्रसाद तहसील तरबगंज व पूर्ति निरीक्षक बालेश्वर मणि त्रिपाठी तहसील सदर गोंडा को पत्र लिखकर प्रकरण की जांच कराने की विनती की गई थी लेकिन इन सब के बावजूद सारे आरोपी जनता का लगभग 30 लाख रुपया ले कर आजाद घूम रहे हैं ।