भारत की लेडी बॉक्सर मना रहीं है अपना 36वां जन्मदिन

नई दिल्ली। भारतीयो का नारा ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ यू ही नहीं है, ये इसलिए है कि देश का सर ऊंचा करने मे सबसे ज्यादा योगदान महिलाओं के है। चाहे राजनीति हो या खेल हर क्षेत्र मे महिलाओ का डंका बोलता है। ऐसी ही एक महिला ने भारत एक छोटे से क्षेत्र मणिपुर मे 1 मार्च 1983 को जन्म लिया और छोटी सी उम्र मे ही पूरे देश का नाम विश्वव स्तर पर ऊंचा कर दिया । र्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 6 बार की गोल्ड विजेता मैरी कॉम आज अपना 36वां बर्थ मना रही हैं। महिला वर्ल्ड चैंपियनशिप में 6 गोल्ड जीतने वाली मैरी दुनिया की पहली बॉक्सर हैं।

कौन है मैरी कॉम??

आज ही के दिन (1 मार्च, 1983) मैरी कॉम का जन्म मणिपुर के चुराचांदपुर में एक गरीब परिवार में हुआ था। मैरी कॉम का पूरा नाम मैंगटे चंग्नेइजैंग मैरी कॉम है। जब मैरी कॉम का रुझान बॉक्सिंग की तरफ बढ़ने लगा तो सबसे पहले इसका विरोध उनके घरवालों ने ही किया। उन्हें कहा गया कि यह खेल ‘महिलाओं के लिए’ नहीं है। जब मैरी की एक जीत से जुड़ी खबर अखबार में छपी, तो उनके पिता ने उनकी खूब डांट लगाई थी।

अच्छी पत्नी और मां भी है मैरीकॉम

साल 2010 तक मैरी कॉम वर्ल्ड चैंपियनशिप्स में 5 मेडल अपने नाम कर चुकी थीं। मैरी कॉम ने साल 2005 में ओन्लर कॉम से शादी की। इसके बाद 3 बच्चों की मां मेरी अपनी निजी जिंदगी में इतना व्यस्त रहने लगीं कि एक समय उन्होंने संन्यास लेने की ही ठान ली थी। लेकिन पति और घरवालों के सहयोग से उन्होंने इसे जारी रखा ।

सफलता ने चूमे कदम

मेरी कॉम यहां से ओलिंपिक 2020 में गोल्ड मेडल की तैयारी कर रही हैं। इससे पहले उनके नाम एक ओलिंपिक मेडल भी है। 2012 में लंदन ओलिंपिक में मेरी ने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।