भवन कर में वृद्धि व निजी एजेंसी से सर्वे का विरोध

लखनऊ। गोमतीनगर जन कल्याण महासमिति कार्यपालिका की बैठक में गृहकर वृद्धि और निजी एजेंसी द्वारा गृह सर्वेक्षण के विरोध किया गया। कहा गया कि नगर निगम ने एक अधिसूचना जारी की है जिसमें गृहकर में रु. 0.80 से रु 4.50 की बढोत्तरी का प्रस्ताव है।

जबकि सरकारी व अर्ध सरकारी भवनों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, बैंकों, अस्पतालों, होटलों आदि पर करोड़ों रुपये बकाया हैं जिसकी वसूली नगर निगम नहीं कर रहा है। ईमानदारी से कर चुकाने वाले नागरिकों पर पुनः गृह कर की वृद्धि थोपी जा रही है।

महासमिति के अध्यक्ष प्रो. बी.एन. सिंह ने बताया कि गोमती नगर में सर्वेक्षण के नाम पर नागरिकों से निजी एजेंसी के द्वारा आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर कार्ड, मकान की रजिस्ट्री आदि की कॉपी मांगे जाने का पहले ही विरोध कर चुकी है। निजी एजेंसी को यह डाक्यूमेंट्स देने पर उनकी निजता खतरे में होगी तथा भविष्य में इन डाक्यूमेंट्स का गलत प्रयोग करके निजी जानकारी किसी भी कम्पनी को बेची जा सकती है।

इसके पूर्व में 2008-09 में भी करोड़ों रुपए खर्च कर सर्वे कराया गया था। परन्तु रिपोर्ट को नकार कर सेल्फ एसेसमेंट की योजना लागू की थी। अब पुनः करोड़ों रुपए खर्च कर निजी एजेंसी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से सर्वेक्षण का कार्य कराया जा रहा है। महासमिति के महासचिव डॉ. राघवेंद्र शुक्ल ने इस सम्बंध में एक प्रतिवेदन सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी को सौंपा।

बैठक में सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी, उप नेता भाजपा पार्षद दल राम कृष्ण यादव सहित सभी खंडों के पदाधिकारी मौजूद थे।