नतीजे के बाद नेपाली कांग्रेस का हाल

  • नेपाल चुनाव रुझान
  • सभी दलों को पीछे छोड़ बाममोर्चा निकल रही आगे

अरुण वर्मा
नवलपरासी(नेपाल)। दिन शुक्रवार की सुबह से नेपाल के विभिन्न जनपदों में मतगणना का कार्य कड़ी सुरक्षा के बीच किया जा रहा है। दिन शनिवार की सुबह 7:30 बजे पहला रुझान बाममोर्चा गठबंधन की तरफ जाता दिख रहा है। जिसमे नेपाल में आम चुनाव की मतगणना जारी है। जिला मुख्यालयों पर कड़ी सुरक्षा के बीच वोटों की गिनती चल रही है। गणना स्थल पर जिलाधिकारी और एसपी भारी फोर्स के साथ डटे हुए हैं। 26 नवंबर को पहले चरण में हुए 32 जिलों में संसद 78 सीटों पर चुनाव हुआ था। गुरूवार की रात से इन सीटो के मतों की गिनती चालू है। पहले चरण में ज्यादातर पहाड़ क्षेत्र के जिलो में चुनाव हुआ था। शाम चार बजे तक गणना से जो रूझान दिख रहा है, वह चौकाने वाला है। 37 सीटों की गिनती में वाम गठबंधन के उम्मीदवार आगे चल रहे हैं। नेपाली कांग्रेस उम्मीदवार काफी पीछे हैं। पहाड़ क्षेत्र के पांच संसदीय क्षेत्र वाम गठबंधन के उम्मीदवार चुनाव जीत गए हैं। सिर्फ एक सीट पर नेपाली कांग्रेस को जीत हासिल हुई है।
पूर्व पीएम व नया शक्ति पार्टी के नेता डा बाबू राम भट्टाराई गोरखा जिले संसदीय क्षेत्र संख्या दो से आगे चल रहे हैं। माओइस्ट नेता व पूर्व पीएम प्रचंड चितवन से काफी आगे हैं। इनके स्वर्गीय पुत्र प्रकाश दहल की पत्नी बीना दहल कंचनपुर से अपने निकटतम प्रतिद्वंदी से आगे चल रही हैं। एमाले नेता केपी शर्मा ओली आगे चल रहे हैं। पीएम व नेपाली कांग्रेस नेता शेरबहादुर देउबा भी अपनी सीट से आगे चल रहे हैं। मधेसी नेता उपेंद्र यादव सप्तरी दो से बहुत मामूली वोटों से आगे हैं।
उनके निकटतम प्रतिद्वंदी वाम गठबंधन के उमेश यादव हैं। तराई के 22 जिलों के करीब 13 सीटों पर नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार और वाम गठबंधन उम्मीदवार में कांटे की टक्कर है। अभी तक के रूझानों पर गौर करें वामगठबंधन के उम्मीदवार 24 नेपाली कांग्रेस 8 तथा माओवादी 14 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। धनुषा से गृहमंत्री व नेपाली कांग्रेस विमलें निधि सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष राजेंद्र महतो से पीछे चल रहे हैं। भारत में नेपाल के राजदूत रहे नेपाली कांग्रेस के दीप कुमार उपाध्याय अपने निर्वाचन क्षेत्र कपिलवस्तु हे आगे चल रहे हैं।
इधर चुनाव परिणामों के रूझान को देखते हुए नेपाल के राजनीतिक समीक्षक अपनी अपनी समीक्षा देना शुरू कर दिए हैं। समीक्षक मतगणना का रूझान देखते हुए खंडित जनादेश की आशंका जता रहे हैं। वहीं किसी भी सरकार के गठन मे मधेसी सांसदो की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। अभी कुछ माह पहले हुए स्थानीय निकाय चुनाव में नेपाली कांग्रेस और एमाले की कांटे की टक्कर जैसी स्थति नहीं दिख रही है।
जबकि नवलपरासी के प्रतिनिधि सभा 1 से पूर्व केन्द्रीय मंत्री हृदयेश त्रिपाठी अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के देवकरण कलवार से आगे चल रहे है वही पूर्व गृह राज्यमंत्री देवेन्द्रराज कंडेल बाममोर्चा गठबंधन पूर्व राज्यमंत्री घनश्याम यादव से आगे चल रहे है।
वहीं अब तक मिले रूझान व नतीज़ों से यह साफ होता दिख रहा है कि बाममोर्चा गठबंधन सबसे बड़ी पार्टी के रूप में निकलकर आयी है जिसमे नेपाली कांग्रेस का लगभग लगभग सफाया दिखता नजर आ रहा है। अबतक मिले नतीजे कुछ इस प्रकार से है। नेकपा एमाले से विजय सांसद 1- खेम लोहनी धाडिंग क्षेत्र संख्या 2-कृष्णगोपाल श्रेष्ठ काठमाण्डू क्षेत्र संख्या 9 3- घनश्याम ख़तिवड़ा मोरंग क्षेत्र संख्या 1 4- शेरबहादुर तामांग सिंधुपालचौक क्षेत्र संख्या 2 5- यज्ञराज सुनुवार ओखलढुंगा क्षेत्र संख्या 1 6- जीवनराम श्रेष्ठ काठमाण्डू क्षेत्र संख्या 8 7- लालबाबू पण्डित मोरंग क्षेत्र संख्या 6 8- कृष्ण राई काठमाण्डू क्षेत्र संख्या 3 9- भूमि त्रिपाठी धाडिंग क्षेत्र संख्या 1 10- भानुभक्त ढकाल मोरंग क्षेत्र संख्या 3 11- डॉ सूर्य पाठक मोरंग क्षेत्र संख्या 1 12- कृष्ण लाल महर्जन ललितपुर क्षेत्र संख्या 2 13- योगेश भटराई तापलेजुग क्षेत्र संख्या 1 14- गणेश ठगुन्ना दार्चुला क्षेत्र संख्या 1 15- धनबहादुर बुढ़ा डोल्पा क्षेत्र संख्या 1 16- पालदेन छोपांग गुरूंग मनाड क्षेत्र संख्या 1 से विजयी घोषित हुए है जबकि नेपाली कांग्रेस से 1- मोहन आचार्य रसुआ क्षेत्र संख्या 1 2- गगन कुमार थापा काठमाण्डू क्षेत्र संख्या 4 व प्रकाशमान सिंह काठमाण्डू क्षेत्र संख्या 1 से तथा माओवादी केन्द्र से 1- अग्नि सापकोटा सिंधुपालचौक क्षेत्र संख्या 1 2- पम्फा भुसाल ललितपुर क्षेत्र संख्या 3 व देवेन्द्र पौडेल बाग्लुंग क्षेत्र संख्या 2 से विजयी घोषित किये गए है।