देश भर में मनाया गया 9वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस राष्ट्रपति ने की प्रशंसा

नई दिल्ली|  देश भर में मनाया गया  9वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस। भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने दिल्ली में हुए इसके राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम की अध्यक्षता की। राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2019 की थीम ‘कोई भी मतदाता पीछे नहीं छूटे’ रखी गई जो इस साल होने जा रहे लोक सभा चुनावों को देखते हुए चुनाव आयोग की प्रतिबद्धता को दोहराती है।राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और सहभागिता भरे चुनाव करवाने के लिए चुनाव आयोग द्वारा उठाए गए विभिन्न दखलों की प्रशंसा की। राष्ट्रपति ने खास तौर पर उन पहलों की तारीफ की जिनमें मतदाता सूचियों में नाम दाखिल करने के लिए दूर दराज के कोनों में मतदाता तक पहुंचा गया और मतदान करने के उनके अधिकार के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया गया। हाल ही में गुजरात में गिर राष्ट्रीय वन में राष्ट्रपति को अपने दौरे के दौरान ज्ञात हुआ कि सिर्फ एक मतदाता के लिए वन्यजीव अभयारण्य के अंदर एक मतदान केंद्र स्थापित किया गया है। इसका संदर्भ देते हुए श्री कोविंद ने इस वर्ष की थीम के अनुरूप हर मत को महत्व देने के चुनाव आयोग के प्रयासों की तारीफ की।

कोविंद ने कहा कि भारतीय गणतंत्र के जन्म से एक दिन पहले हमारे संविधान निर्माताओं ने एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था के तौर पर चुनाव आयोग का गठन किया था। उन्होंने कहा कि इससे लोकतंत्र और उसकी लोकतांत्रिक भावना में गहरा यकीन और अत्यधिक सम्मान प्रतिबिंबित होता है। निर्वाचक नामावलियों को तैयार करने की शुरुआत से लेकर चुनाव के नतीजों की घोषणा से समापन तक की चुनाव प्रक्रिया के बारे में बात करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि एक आम आदमी के लिए इस पूरी प्रक्रिया की जटिलता को समझ पाना कठिन है। राष्ट्रपति ने कहा कि चुनाव आयोग के प्रयासों ने भारतीय चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता को स्थापित करने में मदद की है। इसने देश के चुनाव तंत्र की अखंडता, कड़ी मेहनत, निष्पक्षता और पारदर्शिता में भारतीय मतदाताओं के विश्वास को मजबूत करने में मदद की है। कोविंद ने कहा कि मतदाता और चुनाव आयोग एक दूसरे के पूरक हैं और लोकतंत्र के दो सबसे मजबूत पहलू हैं।

राष्ट्रपति ने स्वीप (एसवीईईपी) कार्यक्रम के अंतर्गत आयोग द्वारा शुरू की गई विभिन्न पहलों की प्रशंसा की जिसमें निर्वाचन साक्षरता क्लब (ईएलसी) कार्यक्रम और महिलाओं द्वारा प्रबंधित मतदान केंद्र पहल का उन्होंने विशेष जिक्र किया।सुनील अरोड़ा ने इस अवसर पर राष्ट्रपति को भारतीय चुनाव आयोग की “माई वोट मैटर्स” शीर्षक वाली नई पत्रिका का उद्घाटन अंक प्रस्तुत किया। राष्ट्रपति ने कहा कि चुनाव आयोग की पत्रिका का नाम “माई वोट मैटर्स” बहुत उपयुक्त तरीके से रखा गया है क्योंकि एक सरकार के निर्माण में हर एक मत समान रूप से महत्व रखता है।

न्याय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में भारतीय चुनाव आयोग द्वारा निभाई गई उत्कृष्ट भूमिका के लिए उनकी प्रशंसा की। उन्होंने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए पूर्ववर्ती आयोगों द्वारा दिखाए गए साहस, प्रतिबद्धता और दूरदर्शिता की सराहना की और कहा कि सभी को चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता पर विश्वास करना चाहिए।मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने अपने संबोधन में चुनावों को ज्यादा से ज्यादा समावेशी, मतदाता अनुकूल, पारदर्शी और उत्सव सरीखा बनाने की आयोग की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी, मजबूत और नैतिक चुनाव संचालित करवाने के संवैधानिक जनादेश की प्रतिबद्धता को पूरा करने में उनकी टीम को इस अवसर पर राष्ट्रपति महोदय की माननीय उपस्थिति और अधिक प्रेरित करती है।

चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने कहा कि राष्ट्रीय मतदाता दिवस ऐसा दिन है जब हम युवा मस्तिष्कों के जिम्मेदार नागरिक बनने की परिपक्वता और आजादी का उत्सव मनाते हैं। इस कार्यक्रम में आज राष्ट्रपति द्वारा दिल्ली के छह युवा मतदाताओं को उनका निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) दिया गया। इस अवसर पर दिए जाने वाले राष्ट्रीय मतदाता दिवस पुरस्कारों के बारे में बात करते हुए लवासा ने कहा कि ये पुरस्कार उन लोगों का सम्मानित करने के लिए दिए जाते हैं जिन्होंने चुनावों के क्षेत्र में असाधारण सेवाएं प्रदान की हैं और सर्वश्रेष्ठ प्रथाएं विकसित करने में अपना योगदान दिया है। इन राष्ट्रीय पुरस्कारों के विजेताओं की प्रशंसा करते हुए राष्ट्रपति ने उनसे कहा कि चुनावों को स्वतंत्र और निष्पक्ष बनाए रखने के लिए भागीदारी करना जारी रखें।

भारतीय रेलवे और केंद्रीय पुलिस आरक्षित बल को आम और 2018 में 9 राज्यों में आयोजित विधानसभा चुनावों के सुचारू संचालन की व्यवस्था की देखरेख करने और परिवहन कर्मियों व सामग्री की मदद करने में योगदान देने के लिए आज विशेष पुरस्कार दिए गए। इसके अलावा सीएसओ और मीडिया घरों को भी पुरस्कार दिए गए जिन्होंने इन चुनावों में मतदाता जागरूकता के क्षेत्र और उन तक पहुंचने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।संसद सदस्य, भारतीय चुनाव आयोग की राष्ट्रीय आइकन और पद्म भूषण एमसी मैरीकॉम भी इस अवसर पर मौजूद थीं। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के कार्यक्रम में राजनीतिक दलों के सदस्यों, संसद सदस्यों, विभिन्न देशों के राजनयिकों, लोकतंत्र व चुनाव के क्षेत्र में काम करने वाले राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

बांग्लादेश, भूटान, कजाकिस्तान, मालदीव, रूस और श्रीलंका से चुनाव प्रबंधन निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों व मुख्य चुनाव आयुक्तों और ब्रिटेन के मलेशियाई राष्ट्रमंडल अध्ययन केंद्र, ब्रिटेन के अंतर्राष्ट्रीय संसदीय अध्ययन केंद्र और लोकतंत्र एवं चुनाव सहयोग अंतर्राष्ट्रीय संस्थान (आईडीईए) जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के अध्यक्षों व वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी इस आयोजन में हिस्सा लिया। इन गणमान्य लोगों ने नई दिल्ली के द्वारका में बने इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (आईआईआईडीईएम) के नए परिसर का भी दौरा किया।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस को 2011 से हर साल 25 जनवरी को भारतीय चुनाव आयोग के स्थापना दिवस के तौर पर पूरे देश में मनाया जाता है जिसे इसी दिन 1950 में स्थापित किया गया था। राष्ट्रीय मतदाता दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य खासकर नए मतदाताओं के नामांकन को प्रोत्साहित करना, सुगम करना और अधिकतम करना है।

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