टीम सलेक्शन को सौरव गांगुली ने विराट कोहली को दिया सलाह

नया लुक डेस्क

बैटिंग लेजेंड सचिन तेंदुलकर ने रविवार को टेस्ट क्रिकेट पर अपना बयान दिया और ये कहा कि आज के जमाने में टेस्ट क्रिकेट को कैसे बचाया जा सकता है. सचिन ने कहा कि टेस्ट क्रिकेट को बचाना है तो फ्लैट और डेड ट्रैक्स को बनाना बंद करना होगा. इससे 5 दिनों का ये खेल काफी चैलेंजिंग हो जाएगा।

सचिन ने कहा, ” टेस्ट क्रिकेट को बचाने के लिए बेहतरीन ट्रैक्स बनाने की जरूरत है लेकिन अगर ट्रैक्स फ्लैट और डेड रहे तो टेस्ट क्रिकेट के लिए ये काफी चैलेंजिंग होने लगेगा. टेस्ट वर्ल्ड चैंपियनशिप का भी एलान किया जा चुका है। लेकिन ऐसे टूर्नामेंट्स के लिए भी आपको क्रिकेट थोड़ा और मजेदार बनाना होगा. तेंदुलकर ने ये सभी बातें मुंबई के हाफ मैराथॉन के दौरान कहा।

एशेज को लेकर तेंदुलकर ने कहा कि यही कारण है कि वर्ल्ड कप खत्म होते ही लोग इतनी जल्दी 5 मैचों की सीरीज देखने क्यों चले गए. टेस्ट क्रिकेट का अभी भी पहचान है. हालांकि स्मिथ के टीम से बाहर जाने के बाद थोड़ा दर्शकों को झटका लगा लेकिन उनकी कमी को इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जोफरा आर्चर अब पूरा कर रहे हैं. वहीं अगर वर्ल्ड कप की बात करें तो इंग्लैंड की टीम को जीत मिली लेकिन उसके बाद कोई भी वर्ल्ड कप और उसकी जीत की बात नहीं कर रहा था लेकिन जैसे ही एशेज शुरू हुआ सभी टेस्ट क्रिकेट की बात करने लगे. इससे पता चलता है कि टेस्ट क्रिकेट का ये फॉर्मेट कितना शानदार है।

उन्होंने मार्नस लाबुशने की भी तारीफ की जो स्मिथ की नामौजूदगी में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि मैं एशेज को काफी करीब से देख रहा हूं जहां मार्नस लाबुशने काफी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं. क्योंकि जिस पिच पर ये खिलाड़ी खेल रहे हैं वो आसान नहीं है वहां आपको गेंदे छोड़नी पड़ती है. और जो खिलाड़ी ऐसा करने में कामयाब हो रहे हैं वो ड्रेसिंग रूम से मैच को काफी करीब से देख रहे हैं।

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने विराट कोहली  के बारे में बात करते हुए कहा है कि वह थोड़े और कंसीस्टेंट हो सकते हैं। टीम प्रंबंधन प्लेइंग इलेवन में रविचंद्रन अश्विन को शामिल न करने के कारण सवालों से घिरा हुआ है। अश्विन को पहले टेस्ट में प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में सौरव गांगुली को लगता है कि विराट को खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने चाहिए, ताकि उनमें आत्मविश्वास पैदा हो और वे स्वतंत्र होकर खेल सकें।

सौरव गांगुली ने टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू के दौरान कहा, ”यह एक प्वॉइंट है, जहां विराट कोहली को कंसीस्टेंट होने की जरूरत है। उन्हें खिलाड़ियों को चुनना चाहिए और उन्हें अवसर देने चाहिए। ताकि वे रिद्म में आ सकें। मैंने पहले भी यह कहा है। आपने देखा कि श्रेयस अय्यर ने वनडे में किस तरह का खेल दिखाया। आपने उन्हें चुना और खेलने की आजादी दी। मुझे लगता है है कि कई दूसरे खिलाड़ियों के साथ भी यही होना चाहिए। मुझे विश्वास है कि विराट ऐसा ही करेंगे।”

सौरव गांगुली ने केवल अश्विन को ही प्लेइंग इलेवन में शामिल न किए जाने पर नाखुशी जाहिर की बल्कि रोहित शर्मा और कुलदीप यादव को भी बाहर रखने पर अफसोस प्रकट किया। भारत ने केवल रवींद्र जडेजा को स्पिनर के रूप में खिलाया है। इसके अलावा जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और इशांत शर्मा अन्य गेंदबाज हैं।

पूर्व कप्तान ने कहा, ”मुझे आश्चचर्य हुआ जब मैंने देखा कि टीम में कुलदीप यादव नहीं है। क्योंकि उन्होंने अंतिम टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था। सिडनी में उन्होंने फ्लैट पिच पर 5 विकेट लिए थे, लेकिन जडेजा भी अच्छी फॉर्म में हैं। एंटिगा की पिच पर तेज गेंदबाजों की जरूरत थी, लेकिन यहां अश्विन का रिकॉर्ड शानदार है।”सौरव गांगुली ने आगे कहा, ”अगले दो-तीन दिन बताएंगे कि रवींद्र जडेजा इस विकेट पर कितने उपयोगी साबित होते हैं। हमें इंतजार करना होगा और देखना होगा कि खेल किस दिशा में जाता है।”