छह माह की गर्भवती डॉ सलोनी ने कराए एक माह में नौ सिजेरियन प्रसव

रवि यादव

अपने घर गूंजे किलकारी उससे पहले औरों को जीवन देने की तैयारी

   छह माह की गर्भवती डॉ सलोनी ने कराए एक माह में नौ सिजेरियन प्रसव
    चार माह में बदल गई सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खलीलाबाद की तस्‍वीर

संतकबीरनगर। कहने को तो वह संविदा चिकित्‍सक हैं, लेकिन काम किसी से कम नहीं है, मरीजों के बीच वह काफी लोकप्रिय हैं, एक महीने में 9 सिजेरियन डिलिवरी कराकर उन्‍होने सीएचसी में एक रिकार्ड बनाया है। उनके इन प्रयासों की चिकित्‍सा विभाग के सभी लोग तारीफ कर रहे हैं।

जी हां, हम बात कर रहे हैं सीएचसी खलीलाबाद में तैनात महिला चिकित्‍सक डॉ सलोनी श्रीवास्‍तव की, जिन्‍होने अपने स्‍वभाव और कार्यों की बदौलत मात्र चार महीने के अन्‍दर मरीजो के साथ ही साथ स्‍टाफ के बीच एक बेहतर पहचान बनाई है। मार्च में संविदा चिकित्‍सक के रुप में यहां उनकी तैनाती हुई।

तैनाती के बाद से ही उन्‍होने मरीजों को तन्‍मयता से देखना शुरु किया, साथ ही बन्‍द पड़े आपरेशन थियेटर को भी व्‍यवस्थित करना शुरु किया। वहां पर आवश्‍यक उपकरणों को मंगवाया तथा अप्रैल महीने में उन्‍होने निश्‍चेतक डॉ रामशिला के सहयोग से पहली सिजेरियन डिलिवरी की। इसके बाद से निरन्‍तर डिलिवरी का के खाते में बढ़ोत्‍तरी होती रही। आज तक वह 20 महिलाओं की सिजेरियन डिलिवरी सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र खलीलाबाद में कर चुकी हैं। वर्तमान में वह भी छठवें महीने की गर्भावस्‍था में हैं,।

लेकिन इसके बावजूद पिछले दिनों उन्‍होने एक ही दिन में दो सिजेरियन डिलिवरी की, डिलिवरी के बाद जच्‍चा – बच्‍चा दोनों ही स्‍वस्‍थ हैं। मरीजों के साथ उनके मृदु व्‍यवहार का नतीजा है कि आज उनकी ओपीडी प्रतिदिन औसतन 35 से 40 मरीजों की रहती है। परामर्श के साथ ही वह जो अपनापन देती हैं वह मरीजों को बहुत ही भाता है।

मरीजों में भी हैं लोकप्रिय

खलीलाबाद से इलाज के लिए आई सुनीता बताती हैं कि डॉ साहब का व्‍यवहार बहुत अच्‍छा है। जिसके चलते मैं कहीं और नहीं जाती हूं, उन्‍हीं के पास आती हूं, साथ ही और लोगों को भी उन्‍हीं के पास जाने के लिए प्रोत्‍साहित करती हूं। खलीलाबाद से आई हुई श्रेया बताती हैं कि डॉ सलोनी के परामर्श का ही नतीजा रहा कि गर्भावस्‍था में मेरे खून में हीमोग्‍लोबीन कम हो गया था। मैने डाक्‍टर साहब से सलाह ली। उन्‍होने तुरन्‍त ही मुझे हास्पिटल में ही खुद ही खून चढ़ाया और जब तक मुझे खून नहीं चढ़ गया, तब तक वह ड्यूटी समाप्‍त होने के बाद भी बैठी रहीं। मेरी डिलिवरी हुई और जच्‍चा बच्‍चा दोनों ही स्‍वस्‍थ हैं।

कम समय में ही दिलाई बेहतर उपलब्धि

डॉ सलोनी श्रीवास्‍तव ने प्रदेश के प्रतिष्ठित मेडिकल कालेज केजीएमसी से गायकानोलाजिस्‍ट और एमडी की उपाधि 2018 में प्राप्‍त की। इसके बाद वह जिला चिकित्‍सालय गाजीपुर में महिला चिकित्‍सक के रुप में तैनात रहीं। इसके बाद उन्‍होने 15 मार्च 2019 को जिले के सीएचसी खलीलाबाद में संविदा पर महिला चिकित्‍सक के रुप में ज्‍वाइन किया। तभी से लगातार बेहतर सेवाएं दे रही हैं।

20 महिलाओं की कराई सिजेरियन डिलिवरी

तैनाती के बाद से ही डॉ सलोनी श्रीवासतव ने अभी तक 20 महिलाओं की सिजेरियन डिलिवरी कराई है। सीएचसी खलीलाबाद में सिजेरियन डिलिवरी बन्‍द हो चुकी थी। तैनाती के बाद उन्‍होने आपरेशन थियेटर में आवश्‍यक सुविधाएं जुटाई और अप्रैल महीने में 1, मई में 5, जून में 2, जुलाई में 9 तथा अगस्‍त में अभी तक तीन डिलिवरी करा चुकी हैं।

मृदु व्‍यवहार से आधा रोग हो जाता है दूर – डॉ सलोनी

डॉ सलोनी श्रीवास्‍तव कहती हैं कि हमें चिकित्‍सक होने के साथ ही मानवता का भी खयाल रखना चाहिए। मरीजों के साथ मधुर व्‍यवहार करने से उसका आधा रोग दूर हो जाता है। मेरा हर समय यह प्रयास रहता है कि मरीजों को कोई ऐसी बात न बोल दूं कि उनको आघात लगे। मैं खुद गर्भावस्‍था में हूं और मरीजों की तकलीफ को बेहतर तरीके से समझ सकती हूं। मेरा यह भी प्रयास रहता है कि मरीज को आपरेशन की जरुरत है तो बिषम परिस्थितियों में ही जिला अस्‍पताल भेजा जाए।

 

‘‘सीजेरियन डिलिवरी के लिए सर्जन न होने के चलते यहां पर सीजर की स्थिति शून्‍य थी। इसके बाद हमने औपचारिकताओं को पूरा करके डॉ सलोनी श्रीवास्‍तव को यहां पर तैनात कराया। इसके अच्‍छे परिणाम भी सामने आए। डॉ सलोनी ने जुलाई महीने में 9 सिजेरियन डिलिवरी कराकर एक रिकार्ड बनाया है। उनकी तैनाती का परिणाम बेहतर रहा। इसके लिए वे बधाई की पात्र हैं।’’

विनीत श्रीवास्‍तव

डीपीएम, संतक‍बीरनगर

 

‘‘सीएचसी खलीलाबाद में डॉ सलोनी श्रीवास्‍तव बेहतर कार्य कर रही हैं। उन्‍होने सीएचसी …