एक ऐसा गेंजबाज, जिससे थर-थर कांपते थे विश्व के सभी दिग्गज बल्लेबाज

WASIM AKRAM: एक ऐसा गेंजबाज, जिससे थर-थर कांपते थे विश्व के सभी दिग्गज बल्लेबाज

साल 1999 के विश्वकप में वसीम की वजह से फाइनल तक पहुंचा था पाकिस्तान

कभी सुष्मिता सेन के प्यार में क्लीन बोल्ड हो गया था पाक का यह खतरनाक गेंदबाज

सोनी सिंह

मुम्बई। छोटा रनअप। तेज गेंदबाजी। खतरनाक यॉर्कर। जबरदस्त रिवर्स स्विंग। इनसे हाफ पिच बाऊंसर से बल्लेबाज थर-थर कांपते थे। शायद यही कारण था कि दुनिया का कोई भी बल्लेबाज उनके पहले या दूसरे स्पेल की गेंदबाजी में चौका-छक्का मारने का प्रयास नहीं करता था। इन्हीं सारी खूबियों के कारण पाकिस्तान के तेज गेंदबाज वसीम अकरम को दुनिया के खतरनाक गेंदबाजों में शुमार किया जाता है। दुनिया के सभी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ चुके भारत के धाकड़ बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग भी कभी वसीम अकरम का पहला गेंद फेस नहीं करना चाहते थे। इसलिए आप सबको याद होगा, जब वसीम अकरम आते थे तो पहली बॉल सचिन खेला करते थे।

अकरम की कप्तानी में पाकिस्तानी टीम साल 1999 के वर्ल्डकप फाइनल में पहुंची थी, लेकिन वो विश्वकप पर कब्जा नहीं जमा सके। अपने 19 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में वसीम ने 104 टेस्ट और 356 वन-डे में कुल मिलाकर 916 अंतरराष्ट्रीय विकेट (टेस्ट में 414 और वन-डे में 502) लिए। यह वह जमाना था जब दुनिया में अच्छे बल्लेबाजों की भरमार थी। भारत के लिए सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, अजहरुद्दीन, वीरेंद्र सहवाग और सौरव गांगुली जैसे दिग्गज खेलते थे और ब्रायन लारा, गैरी कर्स्टन, मार्क वा, स्टीव वा, रिकी पोंटिंग, एंड्रयू सायमंड्स, एंडी फ्लावर, ग्रांट फ्लावर, सनत जयसूर्या और अरविंद डिसिल्वा जैसे  बल्लेबाज किसी भी गेंदबाज के छक्के छुड़ा देते थे।

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और तेज गेंदबाज वसीम अकरम जितने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, उतने ही वो अपने व्यवहार को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। अकरम उन खिलाड़ियों में से हैं, जो अपनी टीम के खिलाड़ियों के साथ-साथ दूसरी टीम के खिलाड़ियों के साथ भी दोस्त की तरह ही रहते हैं। वसीम अकरम के कई ऐसे किस्से हैं, जिनमें उनकी खिलाड़ियों से अच्छी दोस्ती के बारे में बता चलता है। खासकर उनके भारत के खिलाड़ियों के साथ ज्यादा अच्छे रिश्ते हैं। लेकिन वह स्वीकारते हैं कि90 के दशक में खूब स्लेजिंग होती थी। बल्लेबाजों को उकसाया जाता था, जिससे वो गुस्सा करें और गलती करके आउट हो जाएं। वह कहते हैं कि दुनिया के सभी बल्लेबाज एक बार स्लेजिंग से विचलित हो जाते थे, लेकिन सचिन हमेशा शांत रहते थे। वह स्लेजिंग से मोटिवेट होते थे, इसलिए हमने सचिन के साथ स्लेजिंग बंद कर दी थी। अकरम ने कहा कि शोएब और वकार भी खूब स्लेजिंग करते थे, लेकिन वह सचिन को स्लेजिंग से आउट नहीं कर पाए।

भारतीय खिलाड़ियों के साथ अच्छे रिश्ते रखने वाले वसीम बताते हैं कि एक बार उन्होंने भारतीय क्रिकेट के मुख्य गेंदबाज हरभजन सिंह को डांट दिया था और गालियां तक दे डाली थी। हालांकि उन्होंने भज्जी को ये गालियां लड़ाई करते हुए नहीं दी थी, बल्कि कुछ समझाने के लिए दी थी। यह वाकया बताते हुए वह कहते हैं कि एक बार भारत और पाकिस्तान टीम का लंच एक साथ था और उस दौरान भज्जी-यूसुफ की लड़ाई हो गई। हालांकि दोनों एक-दूसरे के जिगरी दोस्त हैं। उसके बाद मैंने दोनों को गालियां दीं और ये कहते हुए बाहर निकाला कि शर्म करो कुछ। मैंने पहले ही उन्हें बता दिया था कि ये प्रेशर वाला मैच है, इसलिए आराम से रहना होगा। लेकिन वो नहीं माने। बता दें कि इस लड़ाई पर सचिन ने ध्यान ही नहीं दिया था और उन्होंने गाना सुनते हुए इसे इग्नोर कर दिया था।

वसीम की इस बात पर भारत के पूर्व मास्टर ब्लास्टर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर कहते हैं कि साल 2003 में पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले मुझे 10 दिनों तक नींद नहीं आई थी, क्योंकि पाकिस्तान की गेंदबाजी बहुत जबरदस्त थी। यह वसीम की गेंदबाजी का जलवा ही था कि शेनवार्न जैसे धुरंधर को दिन में तारे दिखाने वाले सचिव 10 दिनों तक सो नहीं पाए। अकरम कहते हैं कि भारत के खिलाफ मैच में हमेशा से दबाव रहता है। एक दिन पहले मां कहती है- मैच नहीं हारना, बहन- मैच नहीं हारना,रिक्शे वाला कहता है- मैच नहीं हारना। ऐसे में दबाव बनता जाता है, लेकिन जो प्लेयर दबाव झेल जाते हैं, वही जीतते हैं।

वसीम के वो चार बाउंसर…

सचिन तेंदुलकर कहते हैं कि जब वह 10 साल के थे तो 1983 में भारत ने लॉर्ड्स में इतिहास रचा था। उसी दिन से उनके क्रिकेट का सफर शुरू हुआ था। सचिन कहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में शुरू में वसीम ने मुझे (जब मैं 16 साल का था) चार गेंद बाउंसर मारी, तब मुझे पता चला कि शुरुआत ऐसे ही होती है। मुझे लगा था कि यहीं सब खत्म हो गया। जब मैं आउट होकर वापस जा रहा था तब मैं बहुत मायूस था। मैं वॉशरूम गया और खुद को आइने में देखा और सोचा कि यहीं पर सब कुछ खत्म हो रहा है। साथ ही मैं यह भी सोच रहा था कि काश मुझे एक मौका और मिल जाए।

सुष्मिता के प्यार में बोल्ड हुए थे वसीम

भारतीय सिने अभिनेत्री सुष्मिता सेन के प्यार में क्लीन बोल्ड हो चुके वसीम अकरम के बारे में कहा जाता है कि वह पाकिस्तान छोड़कर भारत इन्हीं के साथ बसना चाहते थे, लेकिन कुछ खास परेशानियों के चलते वह सुष्मिता से सात जन्मों के बंधन में नहीं बंध सके।